Sanjeev Kumar

मैं रोहतास पत्रिका के साथ ईमानदार पत्रकारिता करने की कोशिश कर रहा हूँ, जिसका सरोकार आम जनता से है। अभी तक का मेरा सफ़र एक डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर रहा है। मुझे क्राइम से जुड़ें घटनाओं पर लिखना पसंद है।

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tv patient in Rohtas
  • जिले में 1490 टीबी से पीड़ित मरीज इलाजरत

रोहतास पत्रिका/सासाराम: देश से 2025 तक टीबी को जड़ से मिटाने के लिए सरकार लगातार अभियान चला रही है। रोहतास जिला स्वास्थ्य समिति भी टीबी उन्मूलन अभियान में अहम भूमिका निभाने में प्रयासरत है। जिले में टीबी मरीजों को खोजने के साथ साथ उनकी कॉउंसिलिंग कर उनका उचित इलाज किया जा रहा है। ताकि जिले से टीबी बीमारी को खत्म कर के देशव्यापी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जा सके। जिले में प्रति महीने 500 से अधिक टीबी के लक्षण वाले लोगों की तलाश की जा रही और उनकी जांच की जा रही है।

जिला यक्ष्मा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन महीनों में जिले के विभिन्न प्रखण्डों में 1747 टीबी के लक्षण वाले मरीज पाए गए। जांच के दौरान 147 लोगों में टीबी होने की पुष्टि हुई। जिसमें सितंबर में 567 लोगों की जांच में 49 लोग टीबी के मरीज पाए गए। वहीं अक्टूबर में 567 की जांच में 39 तथा नवंबर में 613 में से 55 टीबी बीमारी से ग्रसित पाए गए। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अभी 1490 टीबी के मरीज के इलाजरत हैं ।

ठंढ के मौसम में लापरवाही घातक

सर्दियों के मौसम में विभिन्न प्रकार की बीमारियों से जूझ रहे लोगों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस मौसम में बीमारियों से ग्रसित लोगों को जान का भी खतरा हो सकता है। ऐसे में जरूरत है कि सर्दियों के मौसम में अधिक से अधिक सावधानी बरतें। इस मौसम में टीबी बीमारी से ग्रसित मरीजों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। टीबी बीमारी से ग्रसित मरीजों के लिए भी यह मौसम काफी कष्टदायक होता है।

खासकर टीबी मरीज जिन्हें दमा की शिकायत होती है यदि ऐसे मरीज ठंढ से बचाव नही करेंगे तो उनके लिए यह मौसम जानलेवा भी साबित हो सकती। जिला यक्ष्मा केंद्र के डॉ कन्हाई महतो ने बताया कि मौसम का मिजाज काफी तेजी से बदल रहा है। इसके साथ ही ठंड का प्रकोप भी देखा जा रहा है। ऐसे में टीबी कारीज़ों को अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखना चाहिए। ऐसे मौसम में किसी प्रकार की लापरवाही भारी पड़ सकती है।

फेफड़ों में टीबी से पीड़ित के लिए ठंड घातक

डॉ. महतो ने बताया कि टीबी से ग्रसित मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कमजोर हो जाती है। ऐसे में ठंड से बचाव के साथ साथ उचित आहार लेना भी जरूरी है। ठंड के मौसम में फेफड़े में टीबी के मरीज के लिए काफी घातक होता है। यदि ठंड से बचने के लिए समुचित सावधानी नहीं बरती गई तो सर्द हवा एवं वायु में मिश्रित प्रदूषण के कण फेफड़ों में पहुँचकर टीबी बीमारी को और जटिल बना सकता है । उन्होंने बताया कि इस मौसम में अच्छी सेहत के लिए मौसमी फलों, हरी सब्जियों के साथ साथ भोजन में दालों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करना चाहिए।

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dead bodies found in rohtas
रोहतास पत्रिका/नासरीगंज: कच्छवा थाना क्षेत्र के बेलाढ़ी गांव में बुधवार देर शाम को एक घर से पति-पत्नी की लाश मिली है। लोगों का कहना है कि आपसी विवाद के बाद दंपति ने जहर खाकर आत्महत्या कर लिया। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ गई है तथा तरह-तरह के अटकले लगाए जा रहे है। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया है।

मृतकों की पहचान बेलाढ़ी गांव निवासी कन्हैया महतो के 26 वर्षीय पुत्र शशि कांत और उसकी पत्नी 24 वर्षीय प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है। प्रियंका औरंगाबाद के मदनपुर थाना के बंगेर गांव निवासी वकील मेहता की बेटी है। कच्छवां थानाध्यक्ष बिरेंद्र प्रसाद ने बताया कि बैलहाड़ी गांव में आपसी विवाद में पति-पत्नी के आत्महत्या का मामला सामने आया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

एक दिन पहले ही ससुराल से लौटा था शशिकांत

लड़की के परिजनों ने कहा कि मृतक शशि कांत अपनी पत्नी प्रियंका के साथ कुछ दिन से अपने ससुराल बंगेर में रह रहा था। मंगलवार 13 दिसंबर को ही ससुराल बंगेर से बेलाढ़ी गांव लौटा था। जिसके बाद बुधवार को भी दोनों में झगड़ा हुआ, फिर दोनों की आत्महत्या की खबर मिली। 

Source: Dainik Bhaskar

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17th Junior National Soft Tennis Championship

Rohtas Patrika/Patna: लखनऊ के विजयंत खंड स्टेडियम में चल रहे 17वें जूनियर नेशनल सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप के बालक वर्ग में युगल का खिताब बिहार ने जीता है। फाइनल में बिहार ने चंडीगढ़ को 3-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया है। बिहार के तरफ से फाइनल में आकृत व नितेश खेल रहे थे। सेमीफाइनल में चंडीगढ़ के आर्यन व रणवीर ने तमिलनाडु के शिव प्रकाश व दर्शन को 3-1 से और बिहार के आकृत व नितेश ने हरियाणा के सुमित व अर्नित्य को 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाया था।

गुजरात टीम ने बालक टीम इवेंट का खिताब रोमांचक मुकाबले में हरियाणा को हराकर अपने नाम किया। विजयंत खंड स्टेडियम के टेनिस कोर्ट पर खेले जा रहे मुकाबलों में सोमवार को बालिका युगल में उत्तर प्रदेश की तनुश्री पाण्डेय व शक्ति मिश्रा की जोड़ी उपविजेता रही। वहीं बालिका युगल फाइनल में तमिलनाडु की रागाश्री व सुष्मिता ने यूपी की जोड़ी को टाईब्रेक तक खिंचे रोमांचक मुकाबले में 3-1 से हराया।

इससे पहले खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलों में रागाश्री व सुष्मिता ने तमिलनाडु की ही शरण्या व साधाश्री को 3-0 से और तनुश्री व शक्ति ने महाराष्ट्र की आयुषी व रितिका को 3-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। हार के साथ तमिलनाडु व महाराष्ट्र की जोड़ियों ने कांस्य पदक साझा किया।

इस चैंपियनशिप में 26 राज्यों के 450 खिलाड़ियों ने लिया था हिस्सा

लखनऊ के विजयंत खंड स्टेडियम में हुई 17वीं जूनियर नेशनल सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में 26 राज्यों के 450 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस चैंपियनशिप में  सिंगल्स बॉयज, बॉयज डबल्स, गर्ल्स सिंगल्स, गर्ल्स डबल्स व मिश्रित डबल्स के मुकाबले खेले गए। इस चैंपियनशिप में राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, गुजरात, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, उत्तराखंड, चंडीगढ़, पुड्डुचेरी, दिल्ली, महाराष्ट्र, असम, मणिपुर, दमन-दीव के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।

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Ashok Shilalekh
  • अशोक शिलालेख की चाबी हस्तगत करने को डीएम को निर्देश

रोहतास पत्रिका/सासाराम: जिला प्रशासन की उदासीनता की वजह से शहर में लगातार अतिक्रमण का मामला बढ़ता जा रहा है। खासकर ऐतिहासिक धरोहरों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सुस्त पड़ी हुई है। बता दें कि पिछले महीने सासाराम नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत चंदतन शहीद पहाड़ पर स्थित अशोक शिलालेख को मुहर्रम कमेटी के लोगों द्वारा अतिक्रमण कर अशोक शिलालेख को मिटाने का प्रयास का मामला सामने आया था। इसको लेकर शहर का माहौल काफी गर्म हुआ था।

अशोक शिलालेख को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने को लेकर नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने सासाराम में धरना दिया और रोहतास जिलाधिकारी को शिलालेख को मुक्त करने के लिए आवेदन भी सौंपा था। बता दें कि उस दौरान पर्व का माहौल होने के कारण रोहतास जिलाधिकारी ने छठ पूजा के बाद उस शिलालेख से अतिक्रमण को हटाने का आश्वासन दिया था। परंतु एक महीने का समय बीत जाने के बाद भी शिलालेख को अबतक मुक्त नहीं कराया गया।

7 नवंबर को जिलाधिकारी एवं अनुमंडलाधिकारी को जारी किया गया था लेटर

इधर शिलालेख को मुक्त करने के लिए पुरातत्व विभाग भी लगातार प्रयासरत है। इसको लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निदेशक डॉ बसंत स्वर्णकार ने पिछले महीने बैठक करके अशोक शिलालेख को मुक्त कराने के लिए पटना अंचल को निर्देश दिया था। इसके आलोक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना अंचल के अधीक्षक पुरातत्वविद् जी भट्टाचार्य ने 7 नवंबर को जिलाधिकारी एवं सासाराम अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र निर्गत करके शिलालेख को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराते हुए, उसपर बनाये गए कमरों की चाबी लेने की निर्देश दिया है।

इसके बावजूद अभी तक उक्त शिलालेख को मुक्त नहीं कराया गया। इस संबंध में जब सासाराम संरक्षण सहायक के. टीएन बेहरा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उक्त संरक्षित शिलालेख पर अतिक्रमण किए हुए लोगों ने 3 दिन पूर्व मात्र एक ही चाभी उपलब्ध कराई है जबकि उसका दो चाभी है। उन्होंने बताया कि कमेटी के लोगों से दोनों चाभी की मांग की गई है।

Source: Dainik Bhaskar Digital

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ANM Posting
  • जिले के विभिन्न प्रखण्डों में 229 नए एएनएम की हुई पदस्थापना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने पर दिया जा रहा बल

रोहतास पत्रिका/सासाराम: स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके लिए कई कारगर कदम भी उठाए जा रहे हैं। खासकर ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर किया जाए इसपर ज्यादा बल दिया जा रहा है। पिछले दिनों राज्य सरकार द्वारा बहाल किए गए एएनएम को रोहतास जिले के विभिन्न प्रखंडों में पदस्थापना कर दी गयी है। रोहतास जिले का नौहट्टा, रोहतास, शिवसागर ऐसे प्रखंड है जो पहाड़ी क्षेत्र है जहां पर सैकड़ों गांव स्थित है।

उक्त गांव में भी स्वास्थ सुविधा को बेहतर करने पर बल दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य को देखते हुए भी सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्र स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर नए एएनएम की पदस्थापना की गई है। पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य विभाग में चयनित 9000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटा था। इस दौरान रोहतास जिले को 229 एएनएम प्रदान किए गए थे। वहीं बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी 229 एएनएम को जिले के विभिन्न प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ स्वास्थ्य उपकेंद्र पर नियुक्ति कर दी है।

कहाँ कितनी हुई पदस्थापना

स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए सासाराम प्रखंड में 03, चेनारी में 20, रोहतास में 07, नौहट्टा में 10, दिनारा में 17, करगहर में 20, नोखा में 14, नासरीगंज में 16 काराकाट में 15, सूर्यपुरा में 06, अकोढ़ीगोला में 10, डिहरी में 7, तिलौथू में 5, बिक्रमगंज में 17, राजपुर में 06, शिवसागर में 15 दावथ में 11, कोचस में 12 एवं संझौली प्रखंड में 5 एएनएम की पदस्थापना की गई है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा सुधार

सासाराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएचएम प्रवीण कुमार ने कहा कि अस्पतालों में मुख्य चिकित्सकों के बाद नर्सों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग में नर्सों की बहाली से कार्य और आसान हो जाएंगे। क्योंकि कभी-कभी नर्सों की कमी की वजह से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था परंतु नर्सों की बहाली से स्वास्थ सुविधाएँ और बेहतर होंगी।

अभियान को मिलेगा बल

रोहतास डीपीएम अजय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों को अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधा देने के बाद भी कुछ ऐसे विशेष योजनाएं होती हैं जो डोर टू डोर संचालित कर लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचानी पड़ती है। ऐसे में एएनएम की कमी की वजह से कभी-कभी कुछ समस्याएं देखने को मिलती थी परंतु जिले के विभिन्न प्रखंडों में नए एएनएम की बहाली हो जाने से स्वास्थ्य से संबंधित अभियान को भी बल मिलेगा।

ग्रामीण इलाकों की सुदृढ़ होगी चिकित्सकीय सुविधा

सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा रोहतास जिले को 229 नए एएनएम प्रदान किया गया है। सभी नए एएनएम को आवश्यकता के अनुसार पदस्थापित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं पर ज्यादा बल दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक एएनएम की बहाली की गई है ताकि वहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया हो सके।

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