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बिहार की सरकार का‌ भगीरथ‌ प्रयास सफल हो गया चुका है‌ । गंगाजल भरना राजगीर में शुरू कर दिया गया है ‌। अब गया और बोधगया है‌ जहां कल से गंगाजल की सप्लाई शुरू हो जाएगी‌ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में गंगाजल‌‌ लाने‌ वाली योजना की शुरुआत की है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सी‌ एम‌ ने कहा, “मुझे खुशी है कि आज से राजगीर में गंगाजल भरना शुरू कर दिया गया है । 2019 में जल – जीवन – हरियाली अभियान की शुरुआत हुई‌‌ थी‌ ‌। इससे संबंधित पहले ही सभी पार्टियों के साथ बैठक हुई थी‌ । बैठक में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने को लेकर फैसला लिया गया था । उसी का पार्ट गंगाजल आपूर्ति योजना है‌ । इस योजना के तहत राजगीर, गया, बोधगया और नवादा में गंगाजल पहुंचाया जाएगा । राजगीर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत हो चुकी है । अब गया में इसकी शुरुआत होगी । कुछ महीनों बाद नवादा में भी गंगाजल आपूर्ति योजना शुरू कर दी जाएगी । राजगीर के सभी घरों में गंगाजल पहुंचाया जाएगा । प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर गंगाजल की आपूर्ति की जायेगी । इस पानी से आपलोग खाना, पीना, नहाना और दूसरे अन्य काम भी कर सकते हैं । पानी की जितनी जरूरत होगी, उतना पानी सभी घरों को मिलेगा‌।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर काफी ज़रुरी जगह है ‌ । यहां विकास के काफी काम हुए हैं । घोड़ा कटोरा में भी काफी विकास हुए हैं । यहां वाहनों के साथ आने पर रोक लगाई हुई है । इसके लिए टमटम चलाने वाले लोगों को ई-रिक्शा दिया गया है ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और पर्यटक यहां आसानी से आ-जा सकें । यहां भगवान बुद्ध की मूर्ति भी सरकार द्वारा लगवा दी गई है । राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर बनाया गया है । दिल्ली से भी मीटिंग करने लोग यहां आना शुरू हो गए हैं । नेचर सफ़ारी, जू सफ़ारी का भी यहां निर्माण कराया गया है‌ । पांडु पोखर को भी विकसित कर दिया गया है । नालंदा यूनिवर्सिटी की फिर से स्थापना सरकार द्वारा करवाई गई है । इसे और भी आगे बढ़ाना है । पहले नालंदा यूनिवर्सिटी में दुनिया भर के 20-22 देशों के लोग पढ़ने आते थे । राजगीर में स्पोर्ट्स अकेडमी का निर्माण कराने का प्रयास चल रहा है । ज्ञान प्राप्त करने से पहले भगवान बुद्ध वेणुवन में आये थे। वेणुवन का विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण भी कराया गया है‌ । भगवान महावीर से जुड़ी कई चीजें यहां मौजूद हैं । यहां जैन धर्मशाला है, जहां पर बाहर से आकर लोग ठहरते हैं । राजगीर में प्रसिद्ध गर्म पानी का कुंड स्थित है‌ । यहां शीतल कुंड गुरुद्वारा भी अच्छे ढंग से बनवा दिया गया है । यहां तीन साल में एक बार मलमास मेला लगता है. ऐसी मान्यता है कि 33 करोड़ देवी-देवता यहां आते हैं ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्लड का ही पानी यहां लाया जाएगा । इससे बाढ़ की समस्या से भी बहुत हद तक राहत मिलेगी । अगर ज़्यादा पानी की ज़रूरत होगी तो उसे भी देखा जाएगा । पटना एवं अन्य शहरों में भी इस योजना को लागू किया जाएगा । यह पानी सब जगह जाएगा । निजी घरों के साथ ही सरकारी जगहों पर भी इसका पानी जाएगा । होटल में, अस्पताल में सब जगह गंगाजल आपूर्ति योजना के माध्यम से पानी पहुँचाया जाएगा । चार महीने फ्लड के समय इन चार जगहों पर पानी लाया जाएगा । इसको राजगीर में स्टोर करके रखा जाएगा, जो 12 महीनों तक चलेगा । इससे पानी का लेवल भी ठीक हो जाएगा और लोग जमीन के अंदर से पानी निकालना बंद कर देंगे । इस योजना से सिंचाई के साथ में और भी सुविधा होगी ।

– सुज़ैन कश्यप

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Ashok Shilalekh
  • अशोक शिलालेख की चाबी हस्तगत करने को डीएम को निर्देश

रोहतास पत्रिका/सासाराम: जिला प्रशासन की उदासीनता की वजह से शहर में लगातार अतिक्रमण का मामला बढ़ता जा रहा है। खासकर ऐतिहासिक धरोहरों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सुस्त पड़ी हुई है। बता दें कि पिछले महीने सासाराम नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत चंदतन शहीद पहाड़ पर स्थित अशोक शिलालेख को मुहर्रम कमेटी के लोगों द्वारा अतिक्रमण कर अशोक शिलालेख को मिटाने का प्रयास का मामला सामने आया था। इसको लेकर शहर का माहौल काफी गर्म हुआ था।

अशोक शिलालेख को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने को लेकर नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने सासाराम में धरना दिया और रोहतास जिलाधिकारी को शिलालेख को मुक्त करने के लिए आवेदन भी सौंपा था। बता दें कि उस दौरान पर्व का माहौल होने के कारण रोहतास जिलाधिकारी ने छठ पूजा के बाद उस शिलालेख से अतिक्रमण को हटाने का आश्वासन दिया था। परंतु एक महीने का समय बीत जाने के बाद भी शिलालेख को अबतक मुक्त नहीं कराया गया।

7 नवंबर को जिलाधिकारी एवं अनुमंडलाधिकारी को जारी किया गया था लेटर

इधर शिलालेख को मुक्त करने के लिए पुरातत्व विभाग भी लगातार प्रयासरत है। इसको लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निदेशक डॉ बसंत स्वर्णकार ने पिछले महीने बैठक करके अशोक शिलालेख को मुक्त कराने के लिए पटना अंचल को निर्देश दिया था। इसके आलोक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना अंचल के अधीक्षक पुरातत्वविद् जी भट्टाचार्य ने 7 नवंबर को जिलाधिकारी एवं सासाराम अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र निर्गत करके शिलालेख को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराते हुए, उसपर बनाये गए कमरों की चाबी लेने की निर्देश दिया है।

इसके बावजूद अभी तक उक्त शिलालेख को मुक्त नहीं कराया गया। इस संबंध में जब सासाराम संरक्षण सहायक के. टीएन बेहरा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उक्त संरक्षित शिलालेख पर अतिक्रमण किए हुए लोगों ने 3 दिन पूर्व मात्र एक ही चाभी उपलब्ध कराई है जबकि उसका दो चाभी है। उन्होंने बताया कि कमेटी के लोगों से दोनों चाभी की मांग की गई है।

Source: Dainik Bhaskar Digital

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ANM Posting
  • जिले के विभिन्न प्रखण्डों में 229 नए एएनएम की हुई पदस्थापना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने पर दिया जा रहा बल

रोहतास पत्रिका/सासाराम: स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके लिए कई कारगर कदम भी उठाए जा रहे हैं। खासकर ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर किया जाए इसपर ज्यादा बल दिया जा रहा है। पिछले दिनों राज्य सरकार द्वारा बहाल किए गए एएनएम को रोहतास जिले के विभिन्न प्रखंडों में पदस्थापना कर दी गयी है। रोहतास जिले का नौहट्टा, रोहतास, शिवसागर ऐसे प्रखंड है जो पहाड़ी क्षेत्र है जहां पर सैकड़ों गांव स्थित है।

उक्त गांव में भी स्वास्थ सुविधा को बेहतर करने पर बल दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य को देखते हुए भी सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्र स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर नए एएनएम की पदस्थापना की गई है। पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य विभाग में चयनित 9000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटा था। इस दौरान रोहतास जिले को 229 एएनएम प्रदान किए गए थे। वहीं बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी 229 एएनएम को जिले के विभिन्न प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ स्वास्थ्य उपकेंद्र पर नियुक्ति कर दी है।

कहाँ कितनी हुई पदस्थापना

स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए सासाराम प्रखंड में 03, चेनारी में 20, रोहतास में 07, नौहट्टा में 10, दिनारा में 17, करगहर में 20, नोखा में 14, नासरीगंज में 16 काराकाट में 15, सूर्यपुरा में 06, अकोढ़ीगोला में 10, डिहरी में 7, तिलौथू में 5, बिक्रमगंज में 17, राजपुर में 06, शिवसागर में 15 दावथ में 11, कोचस में 12 एवं संझौली प्रखंड में 5 एएनएम की पदस्थापना की गई है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा सुधार

सासाराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएचएम प्रवीण कुमार ने कहा कि अस्पतालों में मुख्य चिकित्सकों के बाद नर्सों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग में नर्सों की बहाली से कार्य और आसान हो जाएंगे। क्योंकि कभी-कभी नर्सों की कमी की वजह से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था परंतु नर्सों की बहाली से स्वास्थ सुविधाएँ और बेहतर होंगी।

अभियान को मिलेगा बल

रोहतास डीपीएम अजय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों को अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधा देने के बाद भी कुछ ऐसे विशेष योजनाएं होती हैं जो डोर टू डोर संचालित कर लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचानी पड़ती है। ऐसे में एएनएम की कमी की वजह से कभी-कभी कुछ समस्याएं देखने को मिलती थी परंतु जिले के विभिन्न प्रखंडों में नए एएनएम की बहाली हो जाने से स्वास्थ्य से संबंधित अभियान को भी बल मिलेगा।

ग्रामीण इलाकों की सुदृढ़ होगी चिकित्सकीय सुविधा

सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा रोहतास जिले को 229 नए एएनएम प्रदान किया गया है। सभी नए एएनएम को आवश्यकता के अनुसार पदस्थापित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं पर ज्यादा बल दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक एएनएम की बहाली की गई है ताकि वहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया हो सके।

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fisheries cooperation committee

रोहतास पत्रिका/सासाराम: सासाराम मत्स्यजीवी समिति के अध्यक्ष पद सहित मंत्री पद का चुनाव संपन्न हो चुका है। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए तीन और मंत्री पद के लिए भी तीन उमीदवारों ने अपना नामांकन किया था। 4 नवंबर को हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए देवराज बिन्द वहीं मंत्री पद के लिए संजीव मोहन ने विजय प्राप्त किया। आपको बता दें कि अध्यक्ष पद के लिए देवराज बिंद, दिनेश चौधरी और राजेंद्र खटीक वहीं वहीं मंत्री पद के लिए यमुना चौधरी ,नंदू चौधरी के अलावे संजीव मोहन दावेदार थे।

4 नवंबर को हुई वोटिंग के पश्चात देवराज बिंद को 177, दिनेश चौधरी को 146 वोट जबकि राजेंद्र खटीक को सिर्फ 97 मत प्राप्त हुए। देवराज बिंद ने प्रतिद्वंदी दिनेश चौधरी को 31 मतों से परास्त कर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। वही मंत्री पद के लिए यमुना चौधरी को महज 34 मत प्राप्त हुए जबकि नंदू चौधरी को 139 मत से संतोष करना पड़ा। जबकि संजीव मोहन 270 वोट पाकर प्रतिद्वंदी रहे नंदू चौधरी को 131 मतों से पराजित करते मंत्री पद पर कब्जा जमाया।

संजीव मोहन पिछली बार सासाराम मत्स्य जीवी सहयोग समिति के निर्विरोध मंत्री बनाए गए थे। अध्यक्ष और मंत्री के अलावा कार्यकारी समिति के सदस्य पद पर 8 सदस्यों ने निर्विरोध सदस्यता प्राप्त की है। कार्यकारी समिति के सदस्य के तौर पर रामा देवी सोनकर, रामता बिंद, केशव चौधरी, पप्पू सोनकर राजकुमारी देवी, शीला देवी, बिरन चौधरी, हीरावती देवी सोनकर ने निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाणपत्र प्राप्त किया है।

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Sadar Hospital Sasaram

रोहतास पत्रिका/सासाराम: राज्य सरकार सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने को लेकर लगातार प्रयासरत है। लोगों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए सरकारी अस्पतालों को सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। जांच सुविधओं की बात की जाए तो पैथोलॉजी से लेकर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, एमआरआई सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं । हालांकि इन सुविधाओं के बीच विभागों के अनियमित संचालन की वजह से लोगों को कभी कभी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इधर जिला स्वास्थ्य समिति इन समस्याओं को दूर करने में लगा हुआ है।

  • सासाराम प्रखण्ड के मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सचिव संजीव मोहन ने कहा कि सरकारी अस्पताल में पहले से सुविधाएं बेहतर हो रही हैं लेकिन इन सुविधाओं को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में खासकर सदर अस्पताल में यदि प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की स्थिति बिगड़ने लगती है तो उसे रेफर कर दिया जाता है। इसके अलावा सदर अस्पताल में बनाया गया ट्रामा सेंटर भी रेफरल अस्पताल की तरह कार्य कर रहा है। इमरजेंसी स्थिति में मरीज को वाराणसी रेफर कर दिया जाता है। आवश्यकता है ऐसे मामलों का सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो ताकि गरीब लोगों को असुविधा ना हो। साथ ही साथ साफ सफाई पर और ध्यान देने की जरूरत है।
  • मरीज का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुँचे शिवसागर प्रखण्ड के सोनहर गाँव निवासी अवध बिहार पांडे ने बताया कि कुछ वर्ष पहले सरकारी अस्पताल में ज्यादा व्यवस्था नहीं थी लेकिन अब पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था सुधारने के बावजूद भी कुछ जांच में विभाग द्वारा लापरवाही बरती जा रही है इसमें सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुछ कमियों को दूर किया जाए जिससे लोगों को फायदा होगा।

एक छत के नीचे मिलेगी कई हाई टेक स्वास्थ्य सुविधा

डीपीसी संजीव मधुकर ने बताया कि बिहार के 8 जिलों के अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में चयनित किया गया है। जिसमें सदर अस्पताल भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में 100 बेड का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेंटर (एमसीएच) एवं 10 बेड का पेडियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट का भी निर्माण करवाया जा रहा है। डीपीसी ने बताया कि सासाराम सदर अस्पताल में एक ही छत के नीचे कई सारी हाई टेक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का लगातार प्रयास जारी

रोहतास सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी ने बताया कि सासाराम सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। कई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए भवन निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि लगभग 56 करोड़ की लागत से कई भवनों का निर्माण किया जा रहा है। सिविल सर्जन ने बताया कि आने वाले समय में सरकारी अस्पताल में कई बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।

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