Sanjeev Kumar

मैं रोहतास पत्रिका के साथ ईमानदार पत्रकारिता करने की कोशिश कर रहा हूँ, जिसका सरोकार आम जनता से है। अभी तक का मेरा सफ़र एक डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर रहा है। मुझे क्राइम से जुड़ें घटनाओं पर लिखना पसंद है।

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Rohtas Patrika
  • कुष्ठ को फैलने से रोकने के लिए रिफैम्पिसिन का सिंगल डोज जरूरी
  • जागरूकता एवम ससमय पहचान से कुष्ठ रोग से मुक्ति संभव

रोहतास पत्रिका/सासाराम: कुष्ठ रोग एक लाइलाज बीमारी है। यदि समय रहते इसकी पहचान कर के इलाज शुरु किया जा तो कुष्ठ रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है। लेकिन समाज में अभी भी कुष्ठ रोग को लेकर लोगों के मन में भ्रांति एवं संकोच बने हुए हैं जिसकी वजह से जिले में कुष्ठ मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और इस बीमारी से लोग अपंग भी हो रहे हैं। यही वजह है कि कुष्ठ रोग जहां पहले बड़ो एवं बुजुर्गों तक सीमित था वही अब कुष्ठ रोग से धीरे-धीरे बच्चे भी प्रभावित हो रहे हैं।

रोहतास जिले में लगातार कुष्ठ रोग से संक्रमित बच्चे मिल रहे हैं। जिसका मुख्य वजह उक्त बच्चे के आसपास या घर में कुष्ठ रोग से संक्रमित व्यक्ति का होना माना जा रहा है। रोहतास जिला कुष्ठ विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में अप्रैल एवं मई में 2 नए कुष्ठ रोग से पीड़ित बच्चे पाए गए हैं जिनका इलाज किया जा रहा हैं।

अधिक समय से सम्पर्क में आने से फैलता है बीमारी

कुष्ठ रोग वैसे तो छुआछूत की बीमारी नहीं है फिर भी ऐसा माना जाता है कि कुष्ठ से पीड़ित मरीज के संपर्क में लंबे समय तक आने से यह बीमारी दूसरों में फैलने की संभावना बनी रहती है। इसकी जानकारी देते हुए रोहतास जिला कुष्ठ विभाग के चिकित्सा सहायक जय प्रकाश राजभर ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति कुष्ठ से पीड़ित मरीज के काफी समय से संपर्क में आता है तो ऐसे में दूसरे को भी होने का खतरा बना रहता है।

इसी की रोक थाम के लिए 2 साल के ऊपर के बच्चे को सिंगल डोज रिफैम्पिसिन दिया जाता है जिससे कुष्ठ का खतरा कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि यह दवा खास कर उनलोगों को दी जाती है जिनके घर मे कोई कुष्ठ के मरीज हैं। साथ ही उक्त मरीज के आसपास रहने वाले लोगों को भी दवाई दी जाती है। उन्होंने बताया कि यह सरकार द्वारा आयोजित अभियान के तहत डोज खिलाया जाता है ताकि उस बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

कुष्ठ बीमारी को बताने में न करें संकोच: एसीएमओ

एसीएमओ सह कुष्ठ विभाग की नोडल पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि कुष्ठ बीमारी को तो ठीक नहीं किया जा सकता परंतु समय से पहचान कर इसे बढ़ने से रोका जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति में कुष्ठ के लक्षण दिखाई देते हैं तो बिना संकोच किये अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में जितना जल्दी हो संपर्क करें, जिससे उस बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके।

एसीएमओ ने बताया कि कुष्ठ रोग को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा हैं जिससे लोगों में जागरूकता आई है। कुष्ठ बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए सरकार दृढसंकल्पित है। उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग छुआछूत की बीमारी नहीं है परंतु सावधानी जरुरी है। जागरूकता की वजह से लोग अब कुष्ठ बीमारी को लेकर खुल कर बात कर रहें हैं जिससे कुष्ठ को जड़ से मिटाने में काफी हद तक सहयोग मिल रहा है।

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liquor mafiya arrested
  • गिरफ्तार अभियुक्त पर रोहतास एवं कैमूर में शराब तस्करी के कई मामलों में दर्ज है नाम

रोहतास पत्रिका/सासाराम: जिले में शराब बिक्री एवं तस्करी पर पूर्ण रूप से रोक लगाने हेतु रोहतास पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान गुप्त सूचना के आधार पर सासाराम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धौडाॅड ओपी स्थित बुढ़वा महादेव मंदिर के पीछे से पुलिस ने देर रात छापेमारी कर इंग्लिश शराब के साथ एक शराब तस्कर को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान धौडाॅड ओपी अंतर्गत धौडाॅड निवासी स्वर्गीय अनिल शाह का पुत्र गोलू कुमार गुप्ता उर्फ गोलू शाह के रूप में हुई है। वहीं अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से धनकाढ़ा निवासी हरिद्वार सिंह का पुत्र धर्मेंद्र सिंह फरार हो गया। मौके से पुलिस ने 14 पेटी में रखे गए 285 बोतल रॉयल प्लेयर 114.75 लीटर विदेशी शराब बरामद किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त का अपराधिक इतिहास

गिरफ्तार गोलू पर रोहतास जिले के सासाराम मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 271/22 तथा 149/19 एवं तिलौथू थाना में कांड संख्या 187/20 धारा 30(ए) बिहार मध्य निषेध एवं उत्पाद संशोधन अधिनियम 2018 के तहत दर्ज है। वही कैमूर जिले के मोहनिया थाना एवं दुर्गावती थाना में भी दर्ज कई कांडों में अभियुक्त है।

10 हजार लीटर से अधिक पकड़ा गया था शराब

सासाराम मुफस्सिल थाना अंतर्गत एनएच 2 स्थित धौडाॅड स्थित भडकुड़िया पहाड़ी के पास से 5 मई 2019 के रात में एक कंटेनर में बंद करके ले जाए जा रहे हैं 1470 कार्टून में बंद 10 हजार लीटर से अधिक हरियाणा निर्मित मसालेदार देसी शराब पकड़ा गया था। वहीं कंटेनर के अलावा दो कार को भी पुलिस ने जब किया था। इस संबंध में सासाराम मुफस्सिल थाना में कांड संख्या 149/19 दर्ज हैं। इस कांड में गोलू सहित सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था।

क्या कहते हैं ओपीध्यक्ष

धौडाॅड ओपीध्यक्ष दीपक कुमार शाह ने बताया कि देर रात गुप्त सूचना मिली की कुछ लोगों द्वारा शराब परिवहन करने की तैयारी की जा रही है। जिसके बाद सूचना का सत्यापन एवं कार्रवाई हेतु सासाराम मुफस्सिल थाना एवं धौडाॅड ओपी द्वारा उक्त स्थान पर छापेमारी करते हुए यह कार्रवाई की गई है। वही घटनास्थल से फरार अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु लगातार छापेमारी की जा रही है।

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light cut in rohtas
  • सासाराम प्रखण्ड के 34, शिवसागर के 65, चेनारी के 32 एवं नोखा प्रखण्ड के 52 गाँव की कटेगी बिजली

रोहतास पत्रिका/सासाराम: बिजली बिल की बकाया भुगतान को लेकर रोहतास बिजली विभाग पूरी तरह से सख्त है, जिसको लेकर बिजली विभाग लोगों के साथ-साथ गांव की बत्ती गुल करने की तैयारी में है। बता दे कि बिजली बिल की बकाया भुगतान को लेकर राज्य स्तर पर यह अभियान चलाया जा रहा हैं, जिसमें बिल नहीं तो बिजली नहीं अभियान के तहत लोगों के साथ साथ पूरे गांव की बिजली काटी जा रही है।

इसके साथ रोहतास जिले में भी अभियान चलाकर कई गांव की बिजली काटने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर बिजली विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है और गांवों की सूची भी जारी कर दिया है। फिलहाल बिजली विभाग रोहतास जिले के 4 प्रखंडों के कुल 183 गांव की बिजली काटेगी जिसमें सासाराम प्रखंड के 38 गांव, शिवसागर प्रखंड के 65, चेनारी प्रखंड के 32 एवं नोखा प्रखंड के कुल 52 गांव शामिल है।

क्या कहते है अधिकारी

इसकी जानकारी देते हुए बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रेम कुमार प्रवीण ने बताया कि जिन गांव में 5 प्रतिशत से कम रेवेन्यू प्राप्त हो रहे हैं वैसे गांव की बिजली काटने की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि रोहतास जिले में लगभग 250 से 300 ऐसे गांव हैं जहां 3.50 से 4 करोड़ रुपये बिजली बिल बकाया है। ऐसे हालात में 250 से 300 गांव की बिजली काटी जाएगी।

प्रेम कुमार प्रवीण, कार्यपालक अभियंता, बिजली विभाग, रोहतास

कार्यपालक अभियंता ने बताया कि हमें भी बिजली खरीदनी होती है और उसके लिए मोटी रकम देना होता है। यदि हम सही समय से बिजली बिल वसूल नहीं कर पाते हैं तो ऐसे में विभाग को कई समस्यओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में थोड़ा लोगों को भी गम्भीर होना होगा। यदि बिजली का इस्तेमाल करते हैं तो बिजली का बिल भी भुगतान जरूर करें, क्योंकि इन्हीं पैसों से हम पुनः बिजली खरीदते हैं और लोगों के घरों तक पहुंचाते हैं जिससे लोगों के घरों में बिजली जलती है और रौशनी रहती है।

सासाराम प्रखंड के 38 गांवाें की कटेगी बिजली

सासाराम प्रखण्ड के बाराडीह टोला, तुर्की, बेदा, भताढ़ी, बेलहर, मलांव, कादिरगंज, मदनपुर, महरनियां, भदोखरा, सिंगुहीं, नेयाय, सेमरा, घरबैर, रंगपुर, बढ़ुई, कुसुढ़ी, मुर्ही, तेंदुआ, रामपुर, कुबेर टोला, बालापुर, गोकुलपुर, बलिरामपुर, गोटपा, शुंभा, अदमापुर, सोनाडीह, बहेरा, सकास, सेमरी, खैरा, आकाशी, गड़ुरा शामिल है।

शिवसागर प्रखंड के 65 गांवाें की कटेगी बिजली

शिवसागर प्रखंड के महुआ पोखर, सोनहर, विश्रामपुर, खटोलिया, मंझुई, गम्हरियां, कुर्था, जिगना, अमठा, खुढ़ियां, बड्‌डी, मनकी, सैना, पहाड़पुर, बहुआरा, फुलवरिया, कझांव, आलमपुर, भगवलिया, बरैला, बरेवां, मोहम्मदपुर, मसीहाबाद, सोनडिहरा, निमियां, आलमपुर बीपीएल, चेनारी कोनकी, गोपालपुर, पताढ़ी, बसडीहां, जंजरा, नाद, अकोढ़ा, परसडीहां, खैरा, सिलारी, कैकई, मलदहां, बिसनपुर, सिकरौर, बहेरी, पकड़िया, पितंबरपुर, नौडिहां, पठखवलिया, मरकन, अउवां, तेलड़ा, समहुता, करूप, पिपरी, अदमापुर, पिपरी, चंदनपुरा, आनंदपुरा, मोर, जमहत, सेनुआर, सिकंदरपुर, कचनथ, सिघनपुरा, सतियाड़, उल्हो आदि गांवों को सूची में शामिल किया गया है।

चेनारी प्रखंड के 32 गांवाें की कटेगी बिजली

चेनारी प्रखंड क्षेत्र के पोरा, किनरचोला, सेमरियां, मंगजपुरा, कर्मा, बभनगांवा, शाहपुर, सेमरी, लोहरा, डीही, टेकारी, मथई, नेउरी, लोधी, रेड़िया खुर्द, उर्दा, बादलगढ़, पिलखी, चितराढ़, करनपुरा, रामपुर, दतौली, नकटा, महैचा, बिलासपुर, सबराबाद, पकड़िया, डोईयां, देवडीहीं, सदोखर, समहुता, खुड़ियां गांव को सूचीबद्ध किया गया है।

नोखा प्रखंड के 52 गांवाें की कटेगी बिजली

नोखा प्रखंड के पेनार, गंगहर, हथिनी, नोखा वार्ड 13 व 14, तराढ़, खरारी, कुसुमटोला, रघुनाथपुर, सतरबिगहवा, महापुर, लेवड़ा उतर टोला, भवरह, तेंदुआ, दुर्गापुर, हसनडीह, कर्मा, रोपहता, गोसाईपुर, रामपुर, चिलबिलापुर, पिपरा, मुजराढ़, फारिदपुर, बादयोग, मानी, खैरहीं, बाराडीह, घोरडिहां, भटौली, विशंभरपुर, घेटउरा, गोपालपुर, कुसहीं, रामनगर, डुमरा, छतौना, ठेकही, कृष्णापुर, पहाड़पुर, शिवपुर, रतनपुर, बलिगांवा, सलेमपुर, शंकरटोला, कदवां, सिसिरित, गम्हरियां, भिखरडीह, पड़वां, घुसियां टोला, नोनसारी, परसियां आदि गांव को सूची में शामिल किया गया है।

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TB Patient in Sasaram
  • दूसरे राज्य में जाने से पूर्व नए स्थान की देनी होगी जानकारी
  • इलाजरत अस्पताल से संबंधित जगह के अस्पताल को भेजी जाती है मरीज की जानकारी

रोहतास पत्रिका/सासाराम: देश से टीबी को जड़ से मिटाने को लेकर लगातार केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार द्वारा भी अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अलावे लोगों को जागरूक करके टीबी बीमारी से संबंधित जानकारी और इलाज को लेकर उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही अभियान के तहत टीबी संक्रमित मरीजों को सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

2025 तक टीवी को जड़ से खत्म करने का अभियान चलाया जा रहा है ऐसे में देश के सभी राज्यों मैं इस्थित सरकारी अस्पतालों में निशुल्क जांच एवं दवाइयां प्रदान की जा रही है। किसी भी जिले के सरकारी अस्पताल में रजिस्टर्ड टीबी संक्रमित मरीज किसी अन्य राज्य के सरकारी अस्पताल में भी नि:शुल्क सुविधा ले सकता है। यह सुविधाएं माइग्रेंट लोगों के लिए बेहतर विकल्प बन के सामने आ रहा है।

किसी भी सरकारी अस्पताल में पंजीकृत होना जरूरी: सीडीओ

सासाराम सदर अस्पताल स्थिति टीबी विभाग के सीडीओ डॉ राकेश कुमार ने बताया कि टीबी बीमारी से संक्रमित मरीज को किसी भी राज्य के सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज किया जाता है। यदि कोई रोहतास जिले का निवासी है और टीबी से संक्रमित है और वह पढ़ाई या काम के सिलसिले में दूसरे राज्य जाना चाहता है तो उसे दूसरे राज्यों के सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क उपचार कराने के लिए उसे अपने जिले के अस्पताल को सूचित करना होता है जहाँ से उसका इलाज चल रहा है।

उन्होंने बताया कि टीबी संक्रमित मरीज को वर्तमान जगह पर स्थित सरकारी अस्पताल में पंजीकृत होना जरूरी होता है। यदि किसी मरीज का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है और वह किसी कारण से दूसरे राज्य या जिला में जाना चाहता है तो ऐसे में उसे वर्तमान के सरकारी अस्पताल में सारी जानकारी देनी होगी की किस राज्य के किस शहर में जा रहा है। ऐसी स्थिति में उक्त व्यक्ति की सारी जानकारी वहां के संबंधित अस्पताल के टीबी विभाग को भेजी जाती है और वहां मरीज कक पहुंच कर अपनी आईडी प्रस्तुत करनी होती है और वहां पर उसका इलाज शुरू हो जाता है।

भेजना होता है पूर्ण जानकारी

डॉ राकेश कुमार ने बताया कि जब टीवी संक्रमित मरीज दूसरे राज्य या जिले में जाना चाहता है तो ऐसे में उक्त मरीज की पूरी जानकारी अगले राज्य या जिले में स्थित सरकारी अस्पताल को भेजी जाती है। जिसमें जांच के साथ-साथ टीवी का स्टेज और वर्तमान में चल रहे दवा की जानकारी के साथ-साथ पंजीकरण संख्या भेजी जाती है। जब वह व्यक्ति उक्त अस्पताल में जाता है तो अपना पंजीकरण संख्या बताता है और वहां से उसकी इलाज वहीं से शुरू होता है जहां तक पहले इलाज किया जा चुका है।

मिलती है सारी सुविधाएं

सीडीओ ने बताया कि उक्त मरीज को जो सुविधाएं वर्तमान के अस्पताल में प्रदान की जा रही थी वही सुविधाएं उसे वहां भी प्रदान की जाएगी। दवा के साथ-साथ सभी जांच वहां भी निशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि दूसरे राज्य के मरीज हमारे जिले में भी आते हैं तो वहां के जिला यही प्रक्रिया अपनाकर उन्हें यहां भेजता है और उस व्यक्ति का इलाज यहां प्रारंभ कर दी जाती है।

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Vehicles fine release

रोहतास पत्रिका/सासाराम: राज्य सरकार ने वाहन रखने वालों को राहत की साँस लेने वाला निर्देश जारी किया है। अब किसी कारणवश वाहन की फिटनेस जांच में विलंब होने पर जुर्माना नहीं देना होगा। वाहन मालिकों से प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूलने के नियम को तत्काल प्रभाव से परिवहन विभाग ने रद्द कर दिया है। वैसे वाहन जिसका कोरोना काल के दौरान या उससे पहले गाड़ी खराब हो चुकी है या सही ढंग से चल नहीं रही है। उन लोगों से अब सरकार फाइन नहीं लेगी।

कोरोना काल और बढ़े टैक्स की मार झेल रहे व्यावसायिक वाहन मालिकों को इससे काफी राहत मिलेगी। जानकारी के अनुसार बता दे कि पूर्व में फेल फिटनेस के रिनुवल में विलंब पर 50 रुपये प्रतिदिन जुर्माना का नियम लागू हुआ था, जिसे हाई कोर्ट का फैसला आने के बाद अब रद्द कर दिया गया है। जबकि रोहतास जिला ट्रक आॅपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि फिटनेस फेल होने पर प्रतिदिन पचास रुपये के हिसाब से जुर्माना वसूला जा रहा था।

राज्य में 14 या इससे अधिक चक्के वाले ट्रकों से खनिज पदार्थ की ढुलाई बंद कर दी गई थी। इसके कारण बहुत सी गाड़ियां महीनों से खड़ी थीं। वाहन मालिकों को फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के लिए हजारों रुपये जुर्माना देना पड़ रहा था। अब काफी राहत मिली है। परिवहन विभाग के आदेश के बाद फिटनेस जांच का काम तेजी से होने लगा है, जिससे सरकार को राजस्व के रूप में मोटी राशि मिलेगी। लेकिन अब केवल निर्धारित रिनुवल शुल्क जमा करने के साथ ही फिटनेस रिनुवल होगा। वहीं अध्यक्ष ने भी विभाग के इस आदेश का स्वागत करते हुए सभी गाड़ी मालिकों से फिटनेस करा लेने का अनुरोध किया है।

क्या कहते है एमवीआई

जिला परिवहन कार्यालय स्थित एमवीआइ राकेश रंजन ने बताया कि फेल फिटनेस वाहनों पर विलंब शुल्क को फिलहाल माफ कर दिया गया है। विभाग की ओर से जारी निर्देश के तहत फिटनेस का रिनुवल हो रहा है। डीटीओ ऑफिस में अब इसको लेकर दर्जनों वाहन मालिक पहुंच रहे हैं। अबतक कई वाहन मालिकों द्वारा परिवहन कार्यालय से इस सेवा का लाभ लिया जा चुका है।

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