Sanjeev Kumar

मैं रोहतास पत्रिका के साथ ईमानदार पत्रकारिता करने की कोशिश कर रहा हूँ, जिसका सरोकार आम जनता से है। अभी तक का मेरा सफ़र एक डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर रहा है। मुझे क्राइम से जुड़ें घटनाओं पर लिखना पसंद है।

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रोहतास पत्रिका/पटना: अग्निपथ योजना को लेकर देश के कई राज्यों में उग्र प्रदर्शन दिन भर जारी रहा है।  बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल सहित पूरे भारत के लगभग 9 राज्यों में प्रदर्शन फैल गया है। वहीं बिहार में प्रदर्शन का ताप अधिक देखने को मिला।  आंदोलनकारियों ने रेल और सड़क यातायात को पुरी तरह से बाधित कर दिया था।

भागलपुर-नई दिल्ली विक्रम शिला एक्सप्रेस और जम्मू तवी-गुवाहाटी समेत प्रदर्शनकारियों ने लगभग 8 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया। फिलहाल देश भर में तकरीबन 300 से अधिक ट्रेनों को रद्द किया गया है। कई संगठनों ने मोदी सरकार को अग्निपथ योजना को वापस लेने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है अन्यथा वे आंदोलन तेज कर भारत बंद का आह्वान करेंगे।

इन जिले में बंद हुआ नेट सेवा

बिहार के 12 जिलों में 19 जून तक इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया गया है।  जिले कैमूर, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास, बक्सर, नवादा, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, लखीसराय, बेगूसराय, वैशाली और सारण हैं। वहीं रोहतास में जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी कोचिंग को 20 जून तक बंद करने के लिए निर्देश दिया है। अगर कोई भी कोचिंग संस्थान नियमों का उल्लंघन करते हैं तो उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। बिहार सरकार ने प्रदर्शनकारियों से विनती किया है कि आंदोलन को तत्काल खत्म करें। आप अपनी बात शांति से रख सकते हैं।

प्रदर्शन के दौरान फंसे यात्रियों का हाल

बिहार के विभिन्न हिस्सों से कई तस्वीरें आई, जहां पर यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।  जहां पर ट्रेनें खड़ी थी वो खड़ी रही। इस भीषण गर्मी मे लोगों का हाल बुरा हो गया था। सबसे बड़ी परेशानी लोगों को पानी के लिए उठाना पड़ा। महिलाओं और बच्चों को समस्या झेलनी पड़ी। बच्चों के लिए दुध नहीं मिल रहा था। बच्चों की स्तिथि काफी गंभीर हो गई थी। महिलाओं को शौचालय के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ा। ट्रेन में खाने पीने की चीजें पुरी तरह से खत्म हो गई थी। दीन दयाल जंक्शन से सभी ट्रेनें का कनेक्शन खत्म हो गया था।

 

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Do not ignore the sudden spots on the body
  • दाग त्वचा के रंग से अलग हो तो कुष्ठ विभाग में कराएं जॉच

रोहतास पत्रिका/सासाराम: कुष्ठ बीमारी को समाप्त करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहें है और लोगों को कुष्ठ बीमारी के प्रति जागरूक किया जा रहा हैं। साथ ही साथ लोगों को कुष्ठ बीमारी की पहचान और इसके इलाज के बारे मे भी लोगों को बताया जा रहा है। चुकि कुष्ठ चर्म रोग से संबंधित है इसलिए लोगों को सलाह दी जाती है कि शरीर पर किसी भी प्रकार का दाग हो तो उस दाग को नजरअंदाज ना करें क्योंकि वह दाग भी कुष्ठ की शुरुआत हो सकती है।

सासाराम सदर अस्पताल स्थित कुष्ठ विभाग में कार्यरत चिकित्सा सहायक डॉ जय प्रकाश राजभर ने बताया कि शरीर पर किसी प्रकार के दाग को नज़र अंदाज़ न करें क्योंकि यह दाग कुष्ठ के भी लक्षण हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि शरीर पर कोई दाग हो और दाग में सूनापन हो तो यह कुष्ठ का लक्षण हो सकता है। जिला कुष्ठ विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 1000 के आसपास कुष्ठ से संक्रमित मरीज हैं जिनका इलाज जारी है।

कैसे करें पहचान

कुष्ठ रोग चर्म से सम्बंधित बीमारी है। सामान्यतः शरीर के त्वचा पर कुछ दाग दिखाई दे, उसमे सूनापन हो, दाग वाली जगह पर खुजली होना, वहां पसीना नही आना इसके अलावा दाग में उभार होना और उस दाग का रंग शरीर के रंग से थोड़ा अलग हो हल्का पीके रंग के साथ तामबई रंग जैसा हो इस तरह के दाग कुष्ठ के लक्षण हो सकते हैं।

कैसे करें बचाव

अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि कुष्ठ बीमारी भी चर्म से ही संबंधित है इसलिए शरीर पर अचानक आए दाग के साथ-साथ हाथ पैर के अंगुलियों मैं अचानक हो रहे परिवर्तन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि ऐसा हो रहा हो तो तुरंत सरकारी अस्पताल में संपर्क करके जांच करवाएं, क्योंकि यह सभी कुष्ठ के लक्षण हो सकते हैं।

एसीएमओ ने बताया कि लोगों में कुष्ठ की बीमारी न फैले इसके लिए अभियान के तहत रिफ्रैम्पसिन का सिंगल डोज दवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि यह दवा खास कर उनलोगों को दिया जाता है जिनके घर मे कोई पहले से ही कुष्ठ पीड़ित हो। साथ ही यह दवा कुष्ठ पीड़ित मरीज के आसपास रहने वाले लोगों को भी दिया जाता है।

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रोहतास पत्रिका/मोहनियां: प्रखंड मुख्यालय प्रांगण से स्थित बीआरजीएफ भवन में प्रखंड स्तरीय दिव्यांग समूह की वैठक आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता बीडीओ ने किया। पीडब्ल्यूड़ी के पदाधिकारी ने कहा कि आज सरकार आप लोगों के उत्थान के लिए विभिन्न तरह की योजनाएं चला रही है। इन सभी योजनाओं का लाभ पाने के लिए आवश्यकता है। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के विषय मोहनिया में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि बहुत ऐसी योजनाएं है जिसका लाभ जानकारी के अभाव में दिव्यांग लाभुकों को मिल ही नहीं पाता है।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य इन योजनाओं से आप सभी को अवगत कराना है, जिन दिव्यांगों की उम्र अभी पढ़ाई करने की है। वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर सरकारी सेवा में आसानी से जा सकते है। इसके लिए आप लोगों को आरक्षण भी दिया जाता है। कुछ दिव्यांगों ने अपनी समस्याओं को भी पदाधिकारियों के सामने रखा, जिस पर बीडीओ ने कहा कि हम दिन रात आप लोगों की सहायता के लिए समर्पित है।

सरकार से मिलने वाली सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ आप लोगों को दिया जायेगा। रही पेंशन की बात तो आप लोग अपने आधार नंबर और बैंक खाते का मिलान कर लें। ताकि, आप के खाते में सीधे पेंशन की राशि आसानी से भेजी जा सकें। कभी कभी सुनने को मिलता है कि आंख और हाथ की ऊंगलियों से दिव्यांग लोगों को आधार कार्ड बनवाने में काफी परेशानी होती है। लेकिन, अब ऐसा नहीं है। हमारे प्रखंड मुख्यालय में ही दिव्यांगों के आधार कार्ड बनाएं जाते है। बीडीओ ने राज्य व केंद्र सरकार द्वार प्रायोजित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दिया।

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sncu sasaram

रोहतास पत्रिका/सासाराम: स्वास्थ्य विभाग निरंतर ढांचागत सुविधाओं के नवीनीकरण एवं समुचित प्रबंधन में जुटा है। अब जिला स्वास्थ्य विभाग एसएनसीयू को और बेहतर करने में लगा हुआ है ताकि विपरीत परिस्थितियों में भी एसएनसीयू का बेहतर संचालन किया जा सके और नवजात बच्चों को उचित इलाज का जो जिम्मा एसएनसीयू पर है उसे और बेहतर तरीके से संपादित किया जा सके।

पिछले दिनों सासाराम सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू का सभी एसी अचानक खराब हो गया था जिससे एसएनसीयू में अफरातफरी के माहौल बन गई थी, हालांकि शाम होते होते जिला स्वास्थ समिति ने रेडिएंट वार्मर वाले विभाग का एसी को दुरुस्त करा लिया तब जाकर स्थिति सामान्य हुई। एसएनसीयू में पुनः ऐसी स्थिति ना हो इसको लेकर जिला स्वास्थ समिति लगातार प्रयासरत है।

सदर अस्पताल के एसएनसीयू में 19 रेडिएंट वार्मर की सुविधा

सासाराम सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू में कुल 19 रेडियंट वार्मर की सुविधा उपलब्ध है, जहां जन्म के दौरान कमजोर बच्चों को भर्ती किया जाता है। वर्तमान में 15 रेडिएंट वार्मर कार्यरत है और चार रेडिएंट वार्मर में वोल्टेज फ्लकचुएट होने की वजह से तकनीकी खराबी आ गई है जिसको दुरुस्त कराने के लिए भी विभाग को सूचित किया जा चुका है।

बदले जाएंगे पुराने एसी

एसएनसीयू में मौजूद 6 से 7 वर्ष पुराने एसी को बदला जाएगा। इसकी जानकारी देते हुए जिला स्वास्थ समिति के डीपीएम संजीव मधुकर ने बताया कि एसएनसीयू में लगाए गए कुछ एसी 6 से 7 साल पुराने हो चुके हैं और उसमें तकनीकी खराबी भी आ चुकी है जिसको दुरुस्त करने में काफी पैसे खर्च हो रहे हैं। ऐसे में विभाग ने सभी पुराने एसी को बदलने का निर्णय लिया है, ताकि तकनीकी खराबी से बचा जा सके।

डीपीएम ने बताया कि एसएनसीयू के लिए 5 नए एसी मंगाने की कवायद शुरू हो गई है और जल्द पीएसएसयू में नया एसी लगाया जाएगा। डीपीएम ने बताया कि फिलहाल एसएनसीयू का एसी काम कर रहा है और एसएनसीयू पहले की तरह सामान्य कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति स्वास्थ्य विभाग में सभी सुविधाओं को बेहतर करने को लेकर प्रयासरत है।

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Blood donation camp
  • रक्तदान कर लोगों की बचाई जा सकती है जिंदगियां: सिविल सर्जन

रोहतास पत्रिका/सासाराम: विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर मंगलवार को सासाराम सदर अस्पताल के ब्लड बैंक के साथ साथ बेदा स्थित महिला पुलिस लाइन में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सासाराम सदर अस्पताल में रक्तदान शिविर का उद्घाटन रोहतास सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार ने फीता काटकर किया।

वहीं रक्तदान शिविर में रक्त दान करने पहुंचे युवाओं को सिविल सर्जन ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया और रक्तदान के प्रति युवाओं की सहभागिता को देखते हुए काफी प्रभावित हुए और उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाया। सिविल सर्जन ने कहा कि रक्तदान हमें अवश्य करना चाहिए, क्योंकि रक्तदान करने से कई लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि रक्त बनाए नहीं जाते हैं बल्कि एक दूसरे के सहयोग से ही रक्त को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को उपलब्ध कराया जा सकता है इसलिए जब भी मौका मिले तो रक्तदान जरूर करवाएं। सिविल सर्जन ने बताया कि अट्ठारह से 65 वर्ष के स्वस्थ व्यक्ति अपना रक्तदान करा सकते हैं। उद्घाटन अवसर पर सिविल सर्जन डॉक्टर अखिलेश कुमार के अलावा एसीएमओ डॉ अशोक कुमार, एनसीडीओ डॉक्टर के एन तिवारी, डीपीसी संजीव मधुकर, सासाराम सदर अस्पताल के उपाधीक्षक श्री भगवान सिंह, ब्लड बैंक की एम ओ डॉक्टर संध्या कुमारी के अलावा अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

पहली बार रक्तदान कर रहे युवाओं में उत्साह

14 जून मंगलवार को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सासाराम सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर को लेकर युवाओं में उत्साह देखा गया और युवा स्वेक्षा से रक्तदान करने के लिए रक्तदान केंद्र पर पहुंच कर रक्तदान किया। साथ ही रक्तदान को लेकर लोगों के मन में फैले भ्रम को भी युवाओं ने दूर करते हुए रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया। रक्तदान शिविर में कुछ ऐसे भी रक्तदाता मौजूद थे जिन्होंने पहली बार रक्तदान करते हुए लोगो के मन मे रक्तदान को लेकर बैठे डर को दूर किया।

• सासाराम के चौखंडी निवासी 26 वर्षीय मो. नेहाल विश्व रक्तदाता दिवस पर पहली बार रक्तदान करने पहुँचे। उन्हीने बताया कि रक्तदान को लेकर वो काफी उत्साहित हैं। रक्तादान करने का मुख्य मकसद लोगों की जिंदगी को बचाना है। उन्होंने इसके लिए अन्य लोगों को भी आगे आने के लिए अपील किया।

• सासाराम के गौरक्षणी निवासी 25 वर्षीय अभिषेक आनंद ने भी विश्व रक्तदाता सिवस के अवसर पर पहली बार अपना रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्त देने में डर लगता था परन्तु कुछ दोस्तों ने बताया कि डरने की कोई बात नही हैं। उनके कई दोस्त अक्सर रक्त दान करते है इसलिए उन्होंने भी रक्तदान करने के लिए सोच और रक्तदान करने पहुचे है।

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