निजी अस्पतालों में जन्मे नवजातों के लिए भी जीवनरक्षक बन रहा सदर अस्पताल का एसएनसीयू

SNCU Sasaram
  • पिछले आठ महीनों में 149 निजी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को सदर अस्पताल के एसएनसीयू में कराया गया भर्ती

रोहतास पत्रिका/सासाराम:स्वास्थ्य विभाग को लेकर लोगों में पहले नकारात्मक सोच हुआ करती थी परंतु अब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मिल रही बेहतर सुविधाओं की वजह से लोगों की सोच बदली है। अब लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवा लेने में नहीं हिचक रहे हैं। केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को लगातार बेहतर करने में लगी हुई है। बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधा लोगों को मिले इसके लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।

उन्हीं सेवाओं में से एक है सासाराम सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू । एसएनसीयू सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों के लिए तो कारगर साबित हो ही रहा निजी अस्पतालों में जन्मे बच्चोँ के लिए भी जीवन रक्षक साबित हो रहा है। लोग अब निजी अस्पताल की सुविधाओं को छोड़ सरकारी अस्पताल में मौजूद एसएनसीयू पर पूरा भरोसा कर रहे और नवजात शिशुओं को सदर अस्पताल के एसएनसीयू में ही भर्ती करवा रहे हैं।

पिछले आठ महीनों में 149 बच्चे हुए भर्ती

एसएनसीयू में वैसे नवजात शिशुओं को भर्ती किया जाता है जिनका जन्म समय से पहले हुआ हो या फिर कमजोर पैदा हुए बच्चों के साथ साथ जन्म के दौरान अन्य समस्याओं से ग्रसित हों। इस दौरान जिले के सरकारी अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में जन्मे बच्चों को भी भर्ती किया जाता है। जिला स्वास्थ्य समिति से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 8 महीनों में सासाराम सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू में कुल 677 नवजातों को भर्ती किया गया।

जिसमें से 528 बच्चे रोहतास जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में जन्मे थे जबकि 149 बच्चे निजी अस्पतालों में जन्मे शामिल हैं । विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी महीने में कुल 59 नवजात भर्ती किए गए, जिसमें 22 निजी अस्पतालों के बच्चे शामिल थे। फरवरी में 73 बच्चों में से 12, मार्च में 77 बच्चों में से 14, अप्रैल में 72 बच्चों में से 18, मई में 78 बच्चों में से 15, जून में 102 बच्चों में से 26, जुलाई में 96 बच्चों में से 16 एवं अगस्त में 110 बच्चों में से 26 बच्चे निजी अस्पतालों में जन्म लिए थे, जिनका इलाज परिजनों ने सदर अस्पताल स्थित एसएनसीयू में कराया।

जिला स्वास्थ्य समिति सुविधाओं को ले तत्पर: सीएस

रोहतास के सिविल सर्जन डॉ कामेश्वर नाथ तिवारी ने कहा कि राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जो भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है उन सुविधाओं को बखूबी इस्तेमाल किया जा रहा और इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले इसके लिए भी जिला स्वास्थ्य समिति लगातार प्रयासरत है।

सिविल सर्जन ने कहा कि एसएनसीयू के साथ-साथ आईसीयू एवं नवजात शिशु से जुड़े अन्य विभागों के अलावा सदर अस्पताल के सभी विभागों को बेहतर किया गया है, जिसका परिणाम यह है कि सदर अस्पताल में इलाज के प्रति लोगों में विश्वास जगा है और लोग सभी तरह के इलाज के लिए अस्पताल में पहुंच रहे और बेहतर इलाज से लाभान्वित भी हो रहे हैं।


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मोबाइल नहीं देने पर सीने में दाग दी गोली, युवक की हालत गंभीर

इन दिनों बिहार में मोबाइल चोरी, छिनतई अब आम बात हो गई है. हर जिलों से प्रतिदिन सैकड़ों इस तरह के केस आते हैं. क्राइम पर कोई रोक नहीं है.अपराधियों के भीतर कानून का भय खत्म होते जा रहा है. प्रदेश के भोजपुर जिले से ऐसी ही एक घटना सामने आई है. जहां एक युवक से जबरन मोबाइल छिनने की कोशिश की गई. जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र के गीधा ओपी अंतर्गत सोनघट्टा मोड़ स्थित आलू कोल्ड स्टोर के समीप युवक से अपराधी मोबाइल छिन रहे थे. युवक ने जमकर विरोध किया. गिड़गिड़ाता रहा है, कहा कि हम गरीब है हमारे पास मोबाइल नहीं है लेकिन बदमाशों ने एक नहीं सुनी. मोबाइल नहीं देनेे पर युवक के ऊपर गोली चला दी. बदमाश एक अपाची बाइक से आए थे. लड़का पुरी तरह से घायल होकर उसी स्थान पर बेसुध हो गया. परिजनों को सूचना मिलते ही आनन-फानन में आरा शहर के बाबू बाजार स्थित निजी अस्पताल लाया गया. जहां पर युवक इलाज चल रहा है. डॉक्टर ने बताया कि गोली सीने में लगी है, ब्लड काफी बह चुका है. उसके सीने में टेस्ट ट्यूब लगाया जा रहा है. दो यूनिट ब्लड चढ़ाया जाएगा. डॉ.विकास सिंह ने आगे बताया कि स्थिति अभी नाजुक बनी है, युवक को कुछ दिनों तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा.

SP ने कहा कि बदमाशों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा

घटना की सूचना मिलते ही SP सीधे अस्पताल पहुंच कर घायल से मिले. पुरी घटना की जानकारी लेते उन्होंने बताया कि घायल युवक कोइलवर थाना क्षेत्र के गीधा ओपी अंतर्गत सोनघट्टा गांव निवासी लाल मोहन पांडेय का पुत्र 19 वर्षीय अमन पांडे है. अमन दुध प्लांट में पैकिंग का काम करता है. हर रोज की तरह वो काम पर जा रहा था इसी दौरान घटना हो गई. अधीक्षक ने कहा कि हम इसे लुट-पाट की एंगल से ही जांच कर रहे हैं. उस जगह पर जो भी घटनाएं घटी है उसे लेकर जांच करेंगे ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द से गिरफ्तार कर सकें. SP ने बताया कि हम लोगों से कोआर्डिनेशन बनाए ऱखे हुए जिससे लॉ एंड आर्डर बनी रहे. वही थाना इंचार्ज प्रवीण कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गए हैं.

 

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Aadhar Card नहीं दिखाने पर BJP नेता ने एक व्यक्ति की ली जान? सोशल साइट पर वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें एक युवक से आधार कार्ड नहीं दिखाने पर बेरहमी से पीटा जा रहा है. ये वीडियो मध्यप्रदेश के नीमच जिले की बताई जा रही है हालांकि इस वीडियो की पुष्टि रोहतास पत्रिका नही कर रहा है. वायरल वीडियो में बीजेपी पार्षद के पति दिनेश कुशवाहा को कथित तौर पर जैन की पिटाई करते हुए देखा जा रहा है और उसे आधार कार्ड मांग रहे हैं. बीजेपी नेता युवक से पुछ रहे हैं कि क्या तुम मुस्लिम हो?

वायरल वीडियो पर पुलिस ने क्या कहा?

सोशल मीडिया पर वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में जिस व्यक्ति से आधार कार्ड मांगा जा रहा है. उसका नाम रतलाम के सरसी गांव निवासी 60 वर्षीय भंवरलाल जैन बताया जा रहा है. वहीं मानसा से भंवरलाल मृत स्थित में पाए गए. पुलिस ने शनिवार को सूचना दिया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शनिवार को IPC की धारा 304 (लापरवाही से मौत) और 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की. मनासा थाना प्रभारी केएल डांगी ने बताया कि भंवरलाल जैन 18 मई को अपने परिवार के साथ चित्तौड़गढ़ गया था. उसके बाद में वह लापता हो गया. शुक्रवार को नीमच जिले के मनासा में उनका शव मिला. उन्होंने आगे कहा कि हम वीडियो की जांच कर रहे हैं. मामले में आरोपी के साथ वीडियो बनाने वाले के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले के बाद दिनेश कुशवाहा फरार हो गए हैं.

स्थानीय नेताओं ने बोला हमला

Congress के नेताओं ने BJP सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं. विधायक जीतू पटवारी ने कहा, ‘राज्य में कानून-व्यवस्था नहीं है और सिर्फ आधार कार्ड नहीं दिखाने पर एक व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला गया. मुस्लिम, दलित और आदिवासी के बाद जैन पर हमले हुए. प्रदेश में कोई सुरक्षित नहीं है. इस मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह जी को कुछ कहना चाहिए. वही BJP के प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने कहा, ‘यह बेहद दुखद घटना है, मामले की निष्पक्ष जांच होगी.

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दो बच्चे के पिता ने 7 साल की बच्ची के साथ किया रेप, बच्ची की हालत नाजुक

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहां पर एक युवक ने 7 साल की बच्ची के साथ रेप किया है. युवक का नाम विकास कुमार है जो कि मिठनपुरा का रहने वाला है. आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है. आरोप स्वीकार्य करते हुए कहा कि मैं नशे के हालत में था इसलिए ये घटना हो गया. मैं होश में नहीं था, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था. महिला थाना की पुलिसकर्मी स्नेही ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी उसके घर से हो गई है. आरोपी दो बच्चे का पिता है. उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसे जेल भेजा जा रहा है.

तीन दिन पूर्व की घटना

आरोपी तीन दिन पहले एक शादी समारोह में गया था. जिस बच्ची के साथ रेप हुआ है उसके मौसा के साथ शादी में शामिल हुआ. शादी के दौरान युवक ने बच्ची को कोल्ड ड्रिंक पिलाने का झांसा देकर उसे बाइक पर बैठाकर घर के बाहर सुनसान झाड़ियों में ले गया और बच्ची के साथ रेप किया. बच्ची ने चिल्लाने की कोशिश की तो उसकी आवाज दबाकर उसके साथ जबरन रेप करते रहा. उसके बाद बच्ची को वही छोड़कर भाग गया. पीड़ित बेहोशी की हालात में पाई गई जहां पर दरिंदा ने रेप किया था. बच्ची अस्पताल में भर्ती है परिजनों ने बताया कि प्राइवेट पार्ट में काफी ब्लीडिंग हो गई है. आनन-फानन में पहले PHC में प्राथमिक इलाज करवाया गया है उसके बाद डॉक्टर ने SKMCH रेफर कर दिया. फिलहाल बच्ची SKMCH में भर्ती है. जहां पर उसका इलाज चल रहा है, स्थित काफी नाजुक बताई जा रही है. वहीं स्थानीय लोगों इसे लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की है. लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि क्षेत्र में क्राइम की घटना में काफी वृद्धि हो गई है. प्रशासन घटना होने का इंतजार करती है.

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रोहतास: अगरेर खुर्द दलित हत्याकांड के मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 21 दिन बाद पुलिस को मिली सफलता

Agar Khurd Dalit Murder Case

रोहतास पत्रिका/सूर्यपुरा: सूर्यपुरा थाना अंतर्गत अगरेर खुर्द गांव में 20 मार्च को आपसी विवाद में एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद मामले के आरोपी फरार चल रहे थे। अब हत्याकाण्ड के 21 दिन बाद सोमवार को पुलिस को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। मिली जानकारी के अनुसार अभियुक्त ब्रिज भूषण पांडे को पुलिस ने बिक्रमगंज थाना क्षेत्र से जांच के लिए गठित एसआईटी ने गिरफ्तार किया है।

घटना में प्रयुक्त हथियार अभी भी पुलिस के पहुँच से बाहर, नहीं हुआ आर्म्स लाइसेंस रद्द

घटना के बाद मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया था कि दलितों पर गोलीबारी करने में प्रयुक्त हथियार लाइसेंसी है या अवैध इसकी जांच की जा रही है। जांच में पता चला कि जिस हथियार से गोलीबारी हुई थी वह हथियार लाइसेंसी और उसकी लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की गई है। जब इस संबंध में बिक्रमगंज एसडीपीओ से बात किया गया तो पता चला की हथियार का लाइसेंस घटना के 21 दिन बीत जाने के बाद भी रद्द नहीं किया है।

मृतक की पत्नी ने कराई थी प्राथमिकी दर्ज

मृतक राजदेव पासवान की पत्नी इंदु देवी ने स्थानीय सूर्यपुरा थाना में गांव के ही 8 दबंगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सूर्यपुरा थानाध्यक्ष सुसंत कुमार ने धारा 147/148/149/341/323/447/307/302/504, 27 आर्म्स एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत कांड संख्या 32/22 दर्ज किया था। इस कांड में कुल 8 लोगों को नामजद किया गया था जिसमें अगरेर खुर्द निवासी भैया राम पांडे के पुत्र बृज भूषण पांडे, चंद्र भूषण पांडे एवं राज भूषण पांडे, स्व जय गोविंद पांडे के पुत्र भैया राम पांडे, बृज भूषण पांडे का पुत्र विकास पांडे, श्रीकांत दुबे का पुत्र सौरभ दुबे उर्फ किस्तु दुबे, रंगनाथ पांडे का पुत्र अभय पांडे एवं कमलेश पांडे का पुत्र संजीव पांडे शामिल है।

दिन-दहाड़े दो लोगों को मारी गई थी गोली, एक की हुई थी मौत

सूर्यपुरा थाना क्षेत्र के अगरेर खुर्द गांव में उक्त विवाद में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगी थी, लेकिन उसकी जान बच गई थी। ग्रामीण बताते है कि आपसी विवाद में झगड़ा बढ़ गया और कुछ लोगों द्वारा दिनदहाड़े फायरिंग की जाने लगी थी। जिसमें राजदेव पासवान एवं संतोष पासवान को गोली लग गई। राजदेव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संतोष को बिक्रमगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

3 दिनों से जारी तनाव ने लिया खूनी रूप

स्थानीय लोग बताते है कि 17 मार्च को अगरेर खुर्द गांव में नाली के ऊपर रखा पत्थर का स्लैब नाली में गिर गया था। उस स्लैब को निकाल कर हटाने को लेकर विवाद हो गया। तब गांव के दबंगों ने नींबू राम की पिटाई कर दी। उसी विवाद में 20 मार्च को भी दोनों पक्षों में नोंक-झोक हुआ। इसके बाद गांव के ही दबंगों के पक्ष से ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी जिसमें राजदेव पासवान और संतोष पासवान को गोली लग गई थी।

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सी एम‌ नीतिश ने की गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत‌ करते हुए कहा-राजगीर में बनेगा जरासंध का स्मारक

बिहार की सरकार का‌ भगीरथ‌ प्रयास सफल हो गया चुका है‌ । गंगाजल भरना राजगीर में शुरू कर दिया गया है ‌। अब गया और बोधगया है‌ जहां कल से गंगाजल की सप्लाई शुरू हो जाएगी‌ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में गंगाजल‌‌ लाने‌ वाली योजना की शुरुआत की है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सी‌ एम‌ ने कहा, “मुझे खुशी है कि आज से राजगीर में गंगाजल भरना शुरू कर दिया गया है । 2019 में जल – जीवन – हरियाली अभियान की शुरुआत हुई‌‌ थी‌ ‌। इससे संबंधित पहले ही सभी पार्टियों के साथ बैठक हुई थी‌ । बैठक में जल-जीवन-हरियाली अभियान चलाने को लेकर फैसला लिया गया था । उसी का पार्ट गंगाजल आपूर्ति योजना है‌ । इस योजना के तहत राजगीर, गया, बोधगया और नवादा में गंगाजल पहुंचाया जाएगा । राजगीर में गंगाजल आपूर्ति योजना की शुरुआत हो चुकी है । अब गया में इसकी शुरुआत होगी । कुछ महीनों बाद नवादा में भी गंगाजल आपूर्ति योजना शुरू कर दी जाएगी । राजगीर के सभी घरों में गंगाजल पहुंचाया जाएगा । प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर गंगाजल की आपूर्ति की जायेगी । इस पानी से आपलोग खाना, पीना, नहाना और दूसरे अन्य काम भी कर सकते हैं । पानी की जितनी जरूरत होगी, उतना पानी सभी घरों को मिलेगा‌।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजगीर काफी ज़रुरी जगह है ‌ । यहां विकास के काफी काम हुए हैं । घोड़ा कटोरा में भी काफी विकास हुए हैं । यहां वाहनों के साथ आने पर रोक लगाई हुई है । इसके लिए टमटम चलाने वाले लोगों को ई-रिक्शा दिया गया है ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो और पर्यटक यहां आसानी से आ-जा सकें । यहां भगवान बुद्ध की मूर्ति भी सरकार द्वारा लगवा दी गई है । राजगीर में अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर बनाया गया है । दिल्ली से भी मीटिंग करने लोग यहां आना शुरू हो गए हैं । नेचर सफ़ारी, जू सफ़ारी का भी यहां निर्माण कराया गया है‌ । पांडु पोखर को भी विकसित कर दिया गया है । नालंदा यूनिवर्सिटी की फिर से स्थापना सरकार द्वारा करवाई गई है । इसे और भी आगे बढ़ाना है । पहले नालंदा यूनिवर्सिटी में दुनिया भर के 20-22 देशों के लोग पढ़ने आते थे । राजगीर में स्पोर्ट्स अकेडमी का निर्माण कराने का प्रयास चल रहा है । ज्ञान प्राप्त करने से पहले भगवान बुद्ध वेणुवन में आये थे। वेणुवन का विस्तारीकरण और सौंदर्यीकरण भी कराया गया है‌ । भगवान महावीर से जुड़ी कई चीजें यहां मौजूद हैं । यहां जैन धर्मशाला है, जहां पर बाहर से आकर लोग ठहरते हैं । राजगीर में प्रसिद्ध गर्म पानी का कुंड स्थित है‌ । यहां शीतल कुंड गुरुद्वारा भी अच्छे ढंग से बनवा दिया गया है । यहां तीन साल में एक बार मलमास मेला लगता है. ऐसी मान्यता है कि 33 करोड़ देवी-देवता यहां आते हैं ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फ्लड का ही पानी यहां लाया जाएगा । इससे बाढ़ की समस्या से भी बहुत हद तक राहत मिलेगी । अगर ज़्यादा पानी की ज़रूरत होगी तो उसे भी देखा जाएगा । पटना एवं अन्य शहरों में भी इस योजना को लागू किया जाएगा । यह पानी सब जगह जाएगा । निजी घरों के साथ ही सरकारी जगहों पर भी इसका पानी जाएगा । होटल में, अस्पताल में सब जगह गंगाजल आपूर्ति योजना के माध्यम से पानी पहुँचाया जाएगा । चार महीने फ्लड के समय इन चार जगहों पर पानी लाया जाएगा । इसको राजगीर में स्टोर करके रखा जाएगा, जो 12 महीनों तक चलेगा । इससे पानी का लेवल भी ठीक हो जाएगा और लोग जमीन के अंदर से पानी निकालना बंद कर देंगे । इस योजना से सिंचाई के साथ में और भी सुविधा होगी ।

– सुज़ैन कश्यप

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बिहार: शांतिपूर्ण संपन्न हुआ विधानसभा उपचुनाव, 52.38 प्रतिशत हुआ मतदान

bihar byelection 2022

रोहतास पत्रिका/पटना: गोपालगंज और मोकामा विधानसभा सीट पर कराए जा रहे उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। दोनों सीटों पर कुल 52.38 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं इस मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किया गया था। बिहार निर्वाचन आयोग के मुताबिक, मोकामा और गोपालगंज उपचुनाव में खबर लिखे जाने तक कुल 52.38 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले है। विभाग अनुसार मतदान प्रतिशत में और वृद्धि हो सकती है।

मोकामा में हुए सबसे अधिक मतदान

बिहार चुनाव आयोग के अनुसार मोकामा विधानसभा सीट के लिए सबसे अधिक 53.45 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि गोपालगंज सीट के लिए 51.48 प्रतिशत वोटिंग हुई है। पूरे मतदान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किया गया था जिसके कारण एक-दो इलाकों में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कही से भी बड़ी अप्रिय घटना की अबतक सूचना नहीं मिली है।

मतदान के लिए बनाए गए थे 619 मतदान केंद्र

मोकामा और गोपालगंज विधानसभा सीट के लिए कराए जा रहे उपचुनाव के लिए कुल 619 मतदान केंद्र बनाए गए, जिसमें गोपालगंज में 330 मतदान केंद्र और मोकामा में 289 मतदान केंद्र बनाए गए थे। आपको बता दूँ कि मोकामा विधानसभा सीट से 6 प्रत्याशी तो गोपालगंज विधानसभा सीट से 9 प्रत्याशी मैदान में है। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 281251 है जबकि गोपालगंज विधानसभा में 331469 मतदाता हैं।

महागठबंधन और भाजपा के बीच टक्कर

बिहार में सरकार बदलने के बाद यह पहला उपचुनाव हो रहा है। इस चुनाव को राजनीतिक दृष्टिकोण के मुताबिक दोनों सीटों पर पर मुख्य मुकाबला महागठबंधन और भाजपा के बीच माना जा रहा है। गोपालगंज में भाजपा के विधायक और बिहार सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री सुबाष सिंह का असामयिक निधन होने से यह सीट रिक्त हो गई थी। वहीं, मोकामा के तत्कालीन विधायक अनंत सिंह को अवैध हथियार रखने के मामले में सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई थी। मोकामा में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी तो गोपालगंज में सुबाष सिंह की पत्नी कुसुम देवी मैदान में हैं।

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शहर की समस्यों को किया जाएगा दूर, महिलाओं के लिए विशेष सुविधा का होगा प्रावधान: सत्यवंती देवी

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रोहतास पत्रिका/सासाराम: नगर निगम चुनाव को लेकर गतिविधियां पूरी तेज हो गई है। अब अभ्यर्थी पूरी तरह से मैदान में उतर चुके हैं और कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं। चुनाव में विभिन्न मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी लोगों के पास पहुंच रहे हैं और शहर को नया रूप देने के लिए वचनबद्ध भी हो रहे हैं। नगर निगम चुनाव को लेकर रविवार को माइको पर सासाराम नगर निगम के डिप्टी मेयर प्रत्याशी सत्यवंती देवी ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया।

इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सासाराम नगर निगम में महिलाओं की जो समस्या है वह महिलाओं से मिलने के बाद भी प्रतीत हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां भी वो जा रही है महिलाएं उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करा रही हैं और उस समस्याओं को दूर करने के लिए आग्रह कर रही है। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं के लिए शहरी क्षेत्रों में एक भी शौचालय नहीं है इसलिए मेरे एजेंडे में सर्वप्रथम महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों के लिए डीलक्स शौचालय का निर्माण करवाना मुख्य है। इसके अलावा महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए जो भी सरकार की योजनाएं चलाई रही है उसका लाभ उन्हें दिलवाना होगा।

उन्होंने कहा कि सासाराम ऐतिहासिक शहर है और इसके इतिहास को संजोए रखना हम सभी का कर्तव्य होता है। ऐसे में सबसे पहले ऐतिहासिक धरोहरों को विश्व पटल पर लाने में कार्य किया जाएगा और शहर की जो सबसे बड़ी समस्या जल निकासी और गंदगी है उसे दूर किया जाएगा ताकि हमारे ऐतेहासिक धरोहरों को देखने के लिए जब कोई व्यक्ति अन्य राज्यों से आए तो वह शहर की स्थिति देख कर गर्व महसूस करें। सत्यवंती देवी ने कहा कि चुनावी भ्रमण के दौरान गरीब घरों में शिक्षा की कमी दिखी।

गरीब परिवारों के बच्चों को खासकर लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया जाएगा ताकि लड़कियां पढ़ाई कर अपना भविष्य संवार सकें। इसके लिए सरकारी स्कूलों को सुदृढ़ किया जाएगा और शहरी क्षेत्रों में लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए मनोरंजन पार्क का भी निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि लोगों का सहयोग रहा तो हमारा सासाराम बदलेगा और शहर के लोग खुद को गौरवान्वित महसूस करेंगे। मौके पर पूर्व सासाराम नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद रहे।

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जातिगत जनगणना को लेकर सर्वदलीय बैठक, तेजस्वी ने कही बड़ी बात

पटना: जातिगत जनगणना को लेकर सभी पार्टियों की सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी. ये बैठक पटना में आयोजित हुआ था. जहां RJD का प्रतिनिधित्व तेजस्वी यादव कर रहे थे. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिल को अगली कैबिनेट बैठक में लाने और नवंबर के महीने में इसे शुरू करनी चाहिए. उनका आगे कहना था कि छठ पुजा में बिहार से बाहर रहने वाले कई लोग घर आते हैं इस समय आकड़े सही प्राप्त होंगे, और पर्याप्त समय भी तैयारी करने के लिए मिल जाएगा. पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जातीय जनगणना है ना कि जनगणना, ये हमारी जीत है. बैठक के दौरान तेजस्वी ने बताया कि इसमें मानव शास्त्रियों को शामिल करने के लिए अपना सुझाव दिया है. इसे लेकर केन्द्र सरकार को आगे आना चाहिए और आर्थिक रुप से समर्थन करना चाहिए. ये फैसला बिहार के रहने वाले लोगों के हित में है.

नीतीश कुमार ने कही ये बात

बिहार प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार ने बैठक को लेकर अपनी खुशी जताई. उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना कराने के लिए केंद्र की अनिच्छा के बाद राज्य में “सभी जातियों और समुदायों का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण” करेगी. वही सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद, कुमार ने कहा कि विशाल अभ्यास के लिए आवश्यक कैबिनेट मंजूरी जल्द ही दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये खुशी के बात है कि सभी दलों के लोगों ने इस बैठक को लेकर सर्वसम्मति से समर्थन किया है.

बीजेपी से कौन-कौन शामिल

उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और राज्य इकाई के प्रमुख संजय जायसवाल ने बैठक में भाग लिया. बीजेपी अपने केन्द्र के फैसले पर अडिग रही. इस बैठक को लेकर बीजेपी के नेताओं ने कैमरे से बचने की कोशिश की. जातीय जनगणना को लेकर बीजेपी के कई नेता इसके हक में नहीं है लेकिन उनके भी अपनी मजबूरी है. आपको बता दें कि केन्द्र सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अगर राज्य सरकार जातीय जनगणना कराना चाहती है तो राज्य सरकार स्वतंत्र है. केन्द्र सरकार के तरफ से कोई भी आर्थिक मदद नहीं मिल पाएगी.

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जाति आधारित जनगणना का विरोध BJP करेगा तो टूट जाएगा NDA का गठबंधन : BJP थिंक टैंक

रोहतास पत्रिका/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर सभी पार्टियों की सहमति बन गई है. इस बात की जानकारी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने पहले ही बता दिया है कि जाति आधारित जनगणना पर जल्द ही पटना में एक बैठक होगी. मंत्री ने स्पष्ट करते हुए बताया कि बिहार सरकार ने एक जून (बुधवार) को पटना में जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक करने का फैसला किया है. इस तारीख पर सभी दलों ने अपनी सहमति जताई है. आगे चौधरी ने कहा कि बैठक का स्थान 4 देश रत्न मार्ग, पटना में शाम करीब 4 बजे आयोजित होगा. वही बैठक में सभी पार्टियों के शीर्ष नेताओं का आगमन तय माना जा रहा है.

सभी पार्टियों की सहमति

27 मई को हुई बैठक को लेकर नीतीश कुमार ने सकारात्मक संकेत दिए थे. बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छोड़कर RJD, JDU, कांग्रेस, वाम दल, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) सहित सभी दलों ने जाति-आधारित जनगणना पर सहमति व्यक्त की. भाजपा अपने केंद्रीय नेतृत्व के रुख पर अड़ी हुई थी, जिसने देश में जाति आधारित जनगणना नहीं करने का फैसला किया था हालांकि अब बीजेपी की रूख में हल्की नरमी देखी जा रही है.

BJP की असहमति से टूट जाएगी गठबंधन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जाति आधारित जनगणना कराने के अपने फैसले पर अडिग हैं. BJP थिंक टैंक का मानना ​​है कि अगर वे बिहार में जाति आधारित जनगणना का विरोध करेंगे तो सीएम नीतीश कुमार बीजेपी से गठबंधन तोड़ सकते हैं और राजद की मदद से बिहार में सरकार बना सकते हैं. नीतीश कुमार और तेजस्वी की बढ़ती नजदीकियों से BJP परेशान दिख रही है. भाजपा को डर सता रहा कि गठबंधन ना टूटे, इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अपनी सहमति जताई है. आपको बता दें, प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राज्य अपने खर्च पर जाति आधारित जनगणना करने के लिए स्वतंत्र हैं.

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रोहतास: आश्वासन के एक महीने बाद भी अतिक्रमण मुक्त नहीं हुआ अशोक शिलालेख

Ashok Shilalekh
  • अशोक शिलालेख की चाबी हस्तगत करने को डीएम को निर्देश

रोहतास पत्रिका/सासाराम: जिला प्रशासन की उदासीनता की वजह से शहर में लगातार अतिक्रमण का मामला बढ़ता जा रहा है। खासकर ऐतिहासिक धरोहरों पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से सुस्त पड़ी हुई है। बता दें कि पिछले महीने सासाराम नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत चंदतन शहीद पहाड़ पर स्थित अशोक शिलालेख को मुहर्रम कमेटी के लोगों द्वारा अतिक्रमण कर अशोक शिलालेख को मिटाने का प्रयास का मामला सामने आया था। इसको लेकर शहर का माहौल काफी गर्म हुआ था।

अशोक शिलालेख को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराने को लेकर नेता प्रतिपक्ष सम्राट चौधरी ने सासाराम में धरना दिया और रोहतास जिलाधिकारी को शिलालेख को मुक्त करने के लिए आवेदन भी सौंपा था। बता दें कि उस दौरान पर्व का माहौल होने के कारण रोहतास जिलाधिकारी ने छठ पूजा के बाद उस शिलालेख से अतिक्रमण को हटाने का आश्वासन दिया था। परंतु एक महीने का समय बीत जाने के बाद भी शिलालेख को अबतक मुक्त नहीं कराया गया।

7 नवंबर को जिलाधिकारी एवं अनुमंडलाधिकारी को जारी किया गया था लेटर

इधर शिलालेख को मुक्त करने के लिए पुरातत्व विभाग भी लगातार प्रयासरत है। इसको लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के निदेशक डॉ बसंत स्वर्णकार ने पिछले महीने बैठक करके अशोक शिलालेख को मुक्त कराने के लिए पटना अंचल को निर्देश दिया था। इसके आलोक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण पटना अंचल के अधीक्षक पुरातत्वविद् जी भट्टाचार्य ने 7 नवंबर को जिलाधिकारी एवं सासाराम अनुमंडल पदाधिकारी को पत्र निर्गत करके शिलालेख को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराते हुए, उसपर बनाये गए कमरों की चाबी लेने की निर्देश दिया है।

इसके बावजूद अभी तक उक्त शिलालेख को मुक्त नहीं कराया गया। इस संबंध में जब सासाराम संरक्षण सहायक के. टीएन बेहरा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उक्त संरक्षित शिलालेख पर अतिक्रमण किए हुए लोगों ने 3 दिन पूर्व मात्र एक ही चाभी उपलब्ध कराई है जबकि उसका दो चाभी है। उन्होंने बताया कि कमेटी के लोगों से दोनों चाभी की मांग की गई है।

Source: Dainik Bhaskar Digital

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रोहतास: 229 नवनियुक्त ANM का हुआ पदस्थापन, दूर होगी नर्सों की कमी

ANM Posting
  • जिले के विभिन्न प्रखण्डों में 229 नए एएनएम की हुई पदस्थापना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने पर दिया जा रहा बल

रोहतास पत्रिका/सासाराम: स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके लिए कई कारगर कदम भी उठाए जा रहे हैं। खासकर ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर किया जाए इसपर ज्यादा बल दिया जा रहा है। पिछले दिनों राज्य सरकार द्वारा बहाल किए गए एएनएम को रोहतास जिले के विभिन्न प्रखंडों में पदस्थापना कर दी गयी है। रोहतास जिले का नौहट्टा, रोहतास, शिवसागर ऐसे प्रखंड है जो पहाड़ी क्षेत्र है जहां पर सैकड़ों गांव स्थित है।

उक्त गांव में भी स्वास्थ सुविधा को बेहतर करने पर बल दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य को देखते हुए भी सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्र स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर नए एएनएम की पदस्थापना की गई है। पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य विभाग में चयनित 9000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्ति पत्र बांटा था। इस दौरान रोहतास जिले को 229 एएनएम प्रदान किए गए थे। वहीं बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी 229 एएनएम को जिले के विभिन्न प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ स्वास्थ्य उपकेंद्र पर नियुक्ति कर दी है।

कहाँ कितनी हुई पदस्थापना

स्वास्थ्य बेहतर करने के लिए सासाराम प्रखंड में 03, चेनारी में 20, रोहतास में 07, नौहट्टा में 10, दिनारा में 17, करगहर में 20, नोखा में 14, नासरीगंज में 16 काराकाट में 15, सूर्यपुरा में 06, अकोढ़ीगोला में 10, डिहरी में 7, तिलौथू में 5, बिक्रमगंज में 17, राजपुर में 06, शिवसागर में 15 दावथ में 11, कोचस में 12 एवं संझौली प्रखंड में 5 एएनएम की पदस्थापना की गई है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा सुधार

सासाराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बीएचएम प्रवीण कुमार ने कहा कि अस्पतालों में मुख्य चिकित्सकों के बाद नर्सों की अहम भूमिका होती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग में नर्सों की बहाली से कार्य और आसान हो जाएंगे। क्योंकि कभी-कभी नर्सों की कमी की वजह से कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था परंतु नर्सों की बहाली से स्वास्थ सुविधाएँ और बेहतर होंगी।

अभियान को मिलेगा बल

रोहतास डीपीएम अजय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों को अस्पतालों में चिकित्सकीय सुविधा देने के बाद भी कुछ ऐसे विशेष योजनाएं होती हैं जो डोर टू डोर संचालित कर लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचानी पड़ती है। ऐसे में एएनएम की कमी की वजह से कभी-कभी कुछ समस्याएं देखने को मिलती थी परंतु जिले के विभिन्न प्रखंडों में नए एएनएम की बहाली हो जाने से स्वास्थ्य से संबंधित अभियान को भी बल मिलेगा।

ग्रामीण इलाकों की सुदृढ़ होगी चिकित्सकीय सुविधा

सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा रोहतास जिले को 229 नए एएनएम प्रदान किया गया है। सभी नए एएनएम को आवश्यकता के अनुसार पदस्थापित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जिले में ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं पर ज्यादा बल दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक एएनएम की बहाली की गई है ताकि वहां के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया हो सके।

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सासाराम: प्रखंड स्तरीय मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री बने संजीव मोहन

fisheries cooperation committee

रोहतास पत्रिका/सासाराम: सासाराम मत्स्यजीवी समिति के अध्यक्ष पद सहित मंत्री पद का चुनाव संपन्न हो चुका है। इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए तीन और मंत्री पद के लिए भी तीन उमीदवारों ने अपना नामांकन किया था। 4 नवंबर को हुए चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए देवराज बिन्द वहीं मंत्री पद के लिए संजीव मोहन ने विजय प्राप्त किया। आपको बता दें कि अध्यक्ष पद के लिए देवराज बिंद, दिनेश चौधरी और राजेंद्र खटीक वहीं वहीं मंत्री पद के लिए यमुना चौधरी ,नंदू चौधरी के अलावे संजीव मोहन दावेदार थे।

4 नवंबर को हुई वोटिंग के पश्चात देवराज बिंद को 177, दिनेश चौधरी को 146 वोट जबकि राजेंद्र खटीक को सिर्फ 97 मत प्राप्त हुए। देवराज बिंद ने प्रतिद्वंदी दिनेश चौधरी को 31 मतों से परास्त कर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। वही मंत्री पद के लिए यमुना चौधरी को महज 34 मत प्राप्त हुए जबकि नंदू चौधरी को 139 मत से संतोष करना पड़ा। जबकि संजीव मोहन 270 वोट पाकर प्रतिद्वंदी रहे नंदू चौधरी को 131 मतों से पराजित करते मंत्री पद पर कब्जा जमाया।

संजीव मोहन पिछली बार सासाराम मत्स्य जीवी सहयोग समिति के निर्विरोध मंत्री बनाए गए थे। अध्यक्ष और मंत्री के अलावा कार्यकारी समिति के सदस्य पद पर 8 सदस्यों ने निर्विरोध सदस्यता प्राप्त की है। कार्यकारी समिति के सदस्य के तौर पर रामा देवी सोनकर, रामता बिंद, केशव चौधरी, पप्पू सोनकर राजकुमारी देवी, शीला देवी, बिरन चौधरी, हीरावती देवी सोनकर ने निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाणपत्र प्राप्त किया है।

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जिले के सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को और बेहतर करने का प्रयास: सीएस

Sadar Hospital Sasaram

रोहतास पत्रिका/सासाराम: राज्य सरकार सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने को लेकर लगातार प्रयासरत है। लोगों को अधिक से अधिक स्वास्थ्य सुविधा मिले इसके लिए सरकारी अस्पतालों को सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। जांच सुविधओं की बात की जाए तो पैथोलॉजी से लेकर अल्ट्रासाउंड, एक्सरे, एमआरआई सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं । हालांकि इन सुविधाओं के बीच विभागों के अनियमित संचालन की वजह से लोगों को कभी कभी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इधर जिला स्वास्थ्य समिति इन समस्याओं को दूर करने में लगा हुआ है।

  • सासाराम प्रखण्ड के मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सचिव संजीव मोहन ने कहा कि सरकारी अस्पताल में पहले से सुविधाएं बेहतर हो रही हैं लेकिन इन सुविधाओं को और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में खासकर सदर अस्पताल में यदि प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की स्थिति बिगड़ने लगती है तो उसे रेफर कर दिया जाता है। इसके अलावा सदर अस्पताल में बनाया गया ट्रामा सेंटर भी रेफरल अस्पताल की तरह कार्य कर रहा है। इमरजेंसी स्थिति में मरीज को वाराणसी रेफर कर दिया जाता है। आवश्यकता है ऐसे मामलों का सरकारी अस्पतालों में ही बेहतर इलाज उपलब्ध हो ताकि गरीब लोगों को असुविधा ना हो। साथ ही साथ साफ सफाई पर और ध्यान देने की जरूरत है।
  • मरीज का इलाज कराने सदर अस्पताल पहुँचे शिवसागर प्रखण्ड के सोनहर गाँव निवासी अवध बिहार पांडे ने बताया कि कुछ वर्ष पहले सरकारी अस्पताल में ज्यादा व्यवस्था नहीं थी लेकिन अब पहले की अपेक्षा काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था सुधारने के बावजूद भी कुछ जांच में विभाग द्वारा लापरवाही बरती जा रही है इसमें सुधार करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कुछ कमियों को दूर किया जाए जिससे लोगों को फायदा होगा।

एक छत के नीचे मिलेगी कई हाई टेक स्वास्थ्य सुविधा

डीपीसी संजीव मधुकर ने बताया कि बिहार के 8 जिलों के अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में चयनित किया गया है। जिसमें सदर अस्पताल भी शामिल है। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में 100 बेड का मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेंटर (एमसीएच) एवं 10 बेड का पेडियाट्रिक इंसेंटिव केयर यूनिट का भी निर्माण करवाया जा रहा है। डीपीसी ने बताया कि सासाराम सदर अस्पताल में एक ही छत के नीचे कई सारी हाई टेक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी।

स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का लगातार प्रयास जारी

रोहतास सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी ने बताया कि सासाराम सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। कई सुविधाओं को बढ़ाने के लिए भवन निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि लगभग 56 करोड़ की लागत से कई भवनों का निर्माण किया जा रहा है। सिविल सर्जन ने बताया कि आने वाले समय में सरकारी अस्पताल में कई बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।

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रोहतास: भारोत्तोलन प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ियों को पूर्व नप उपाध्यक्ष ने बांटे ड्रेस किट

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  • 4 से 6 नवंबर तक सहरसा में आयोजित होगा राज्य स्तरीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता

रोहतास पत्रिका/सासाराम: बिहार के सहरसा में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय सीनियर भारोत्तोलन प्रतियोगिता 2022 में रोहतास जिले के भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को सासाराम नगर निगम के पूर्व उपाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने ड्रेस किट प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया। बता दें कि सहरसा में 4 से 6 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले के कुल 10 खिलाड़ियों का चयन किया गया है।

सभी चयनित खिलाड़ी नेकरा स्थित एबीआर फाउंडेशन स्कूल के विद्यार्थी हैं जिनको विद्यालय के सचिव डॉ पृथ्वी पाल सिंह की मौजूदगी में ड्रेस किट प्रदान किया गया। इस अवसर पर चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि जिले में खेल का कद काफी बढ़ा है। जिले के खिलाड़ी बिहार ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में बेहतर प्रदर्शन करके अपने जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यदि ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिले तो और बेहतर करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जिले में खेल के लिए संसाधनो का अभाव है। खेल के मैदान के साथ-साथ जिले में स्पोर्ट्स एकेडमी भी होना चाहिए ताकि विभिन्न खेलों से जुड़कर यहां के भी खिलाड़ी अपने हुनर का प्रदर्शन कर जिला ही नहीं बिहार का नाम रोशन कर सकें।

वहीं मौके पर मौजूद एबीआर फाउंडेशन स्कूल के सचिव डॉ पृथ्वी पाल सिंह ने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ खेल के प्रति समर्पित है और इस विद्यालय के छात्र अधिकांश खेलों में अपना भागीदारी निभाते हैं और सफलता भी हासिल करते हैं। वही सहरसा में आयोजित राज्य स्तरीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को विद्यालय के सचिव डॉ पृथ्वी पाल सिंह एवं पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने शुभकामनाएं दिया।

प्रतियोगिता में शामिल होने वाली खिलाड़ी

तीन दिवसीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता के लिए जिले के कुल 10 खिलाड़ियों का चयन किया गया है जिसमे पुरुष वर्ग में शुभशेखर कुमार, वैभव प्रजापति, मिक्की कुमार, गौरव कुमार, सागर कुमार, भोला कुमार शामिल है जबकि महिला वर्ग में खुशी कुमारी, अमृता कुमारी, प्रियंका कुमारी, अंजली कुमारी शामिल है। वही कोच के रूप में सुधाकर कुमार एवं मैनेजर के रूप में स्वेता सिंह होंगी।