Sanjeev Kumar

मैं रोहतास पत्रिका के साथ ईमानदार पत्रकारिता करने की कोशिश कर रहा हूँ, जिसका सरोकार आम जनता से है। अभी तक का मेरा सफ़र एक डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर रहा है। मुझे क्राइम से जुड़ें घटनाओं पर लिखना पसंद है।

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dead bodies found in rohtas

जिले के करगहर व सासाराम मुफस्सिल थान क्षेत्र से बरामद हत्या कर फेंके गए महिला के शव की पहचान करने में पुलिस तंत्र विफल है। घटना के करीब दो माह के समय गुजरने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगे हैं। ऐसे में घटना को अंजाम देने वाले अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत आठ नवंबर को करगहर थाना क्षेत्र में सड़क से एक महिला का शव बरामद हुआ था। महिला को अपराधियों ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। हत्या के बाद अपराधी सड़क पर महिला का शव फेंक भाग निकले थे। सड़क से गुजर रहे लोगों की सूचना पर पुलिस ने शव को बरामद किया था। लेकिन, शव बरामदगी के लंबे समय बीतने के बाद पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग सका है। थाना से मिली जानकारी के अनुसार महिला की पहचान के लिए प्रयास चल रहा है। लेकिन, अभी तक कोई उपलब्धि नहीं मिली है।

वहीं एक दूसरी घटना सासाराम के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहद्दीगंज से 13 नवम्बर को प्रकाश में आई थी। जहां एक तालाब में महिला का शव पुलिस ने बरामद किया था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो महिला की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए तालाब में फेंकने के दौरान भारी वस्तु बांधकर उसे डूबा दिया गया होगा। ऐसे में दो-तीन दिन बाद जब शव पानी में ऊपर आया, तो लोग देख सके। बहरहाल मामला जो भी हो मृतका की पहचान के बाद ही घटना का खुलासा होगा।

पुलिस तलाब से मिली महिला के शव की कोई जानकारी महीना दिन बाद भी नहीं जुटा सकी है। ऐसे में करगहर व मुफस्सिल थाना क्षेत्र से बरामद दो महिला शवों की पहचान वउसके मौत फाइलों में दब कर रह गई है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष मो. रिजवान अहमद ने बताया कि शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। वहीं करगहर थानाध्यक्ष रामविलास प्रसाद ने बताया कि हत्या कर फेंकी गई महिला का शव की पहचान में पुलिस जुटी है।

Source: Hindustan

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Sadar Hospital

रोहतास पत्रिका/सासाराम: स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए राज्य सरकार का स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयासरत है। इसके लिए लगातार विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं के माध्यम से लोगों को सीधे लाभ पहुँचाया जा रहा है। पिछले दिनों मिशन 60 की सफलता के बाद सरकार ने सभी जिला स्वास्थ्य समिति के कार्यों की सराहना की है। मिशन 60 के तहत बेहतर परिणाम देने वाले जिला को पुरस्कृत किया गया है। इधर रोहतास जिला स्वास्थ्य समिति ने भी स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन के बाद लोगों को और अधिक सुविधा मुहैया कराने के लिए कमर कस ली है।

जिले के विभिन्न प्रखण्डों में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बेहतर सुविधा मुहैया करायी जाए इसके लिए भी जिला स्वास्थ्य समिति लगातार प्रयासरत है। स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने के उद्देश्य से मंगलवार को रोहतास के सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। जिसमें सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य संबंधी कार्यों की समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में जिले को मिली रैंकिंग के आधार पर सभी प्रखण्ड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की समीक्षा की गयी। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र द्वारा कार्य में कोताही बरतने एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली गई। साथ ही सिविल सर्जन द्वारा एमओआईसी एवं बीएचएम को कार्य में सुधार के लिए कई दिशा निर्देश भी दिया गया।

सुदृढ़ होगी ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधा

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा लगातार कार्य किए जा रहे हैं। इसके तहत रोहतास जिला स्वास्थ्य समिति भी जिले के विभिन्न प्रखंडों में स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने के लिए प्रयासरत है। खासकर सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग लोगों तक टेलीमेडिसिन संजीवनी एप के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ पहुंचा रही है। जिसका परिणाम यह देखने में आ रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी लोगों की भीड़ देखी जा रही है।

अनुमण्डल की तर्ज पर पीएचसी में मजबूत होगी स्वास्थ्य सुविधा

रोहतास के सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी ने कहा कि मिशन 60 के तहत विकास को लेकर जो कार्य हुए हैं उसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है। अनुमंडल की तर्ज पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी बेहतर सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि सदर अस्पताल में ओपीडी का संचालन दो शिफ्टों में किया गया है। इसका परिणाम भी बेहतर देखने को मिल रहा है। साथ ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्दों के एमओआईसी एवं बीएचएम को दिशा निर्देश दे दिया गया है कि स्वास्थ्य सुविधा को और बेहतर करें ।

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std clinic

रोहतास पत्रिका/सासाराम: देश में गर्भवती महिलाओं में बढ़ते एचआईवी एड्स की समस्या को देखते हुए सरकार इस बीमारी को खत्म करने और लोगों को इससे बचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। एचआईवी की रोकथाम के लिए देशभर में सेंटिनल सर्विलांस कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत क्रॉस चेक के माध्यम से गर्भवती महिलाओं में एचआईवी एड्स की स्थिति का पता लगाया जा रहा है। इस कार्यक्रम को वर्ष 1998 में देश के 1576 केंद्रों पर शुरू किया गया था। इसी अभियान के 18 वें चक्र की शुरुआत 1 जनवरी 2023 से देश भर के 1557 केंद्रों पर हुई जिसमें रोहतास जिला भी शामिल है। रोहतास जिले में 1100 के आसपास एड्स पीड़ित मरीज हैं । जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक देखी जा रही है। हालांकि रोहतास जिले में गर्भवती महिलाओं में एचआईवी संक्रमण का मामला काफी कम रहा है। बावजूद इसके सभी गर्भवती महिलाओं का एचआईवी टेस्ट कराया जा रहा है।

400 गर्भवती महिलाओं का रखा गया है लक्ष्य

सदर अस्पताल के एसटीडी क्लीनिक सह गुप्त रोग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1 जनवरी से 31 मार्च तक आयोजित एचआईवी सेंटिनल सर्विलांस कार्यक्रम के तहत रोहतास जिले में कुल 400 गर्भवती महिलाओं का क्रॉस चेक के माध्यम से जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी जानकारी देते हुए एसटीडी परामर्शी राजेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि सर्विलांस जांच जिला स्तर से लेकर केंद्र स्तर तक 3 चरणों में गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच की जाती है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच जिला स्तर पर होगी । उसके बाद उसी सैंपल की जांच राज्य स्तर पर फिर अंत में केंद्र स्तर पर की जाएगी । इससे यह मालूम होगा कि निचले स्तर की जो भी जांच हुई है उस रिपोर्ट की क्या क्वालिटी है। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य मकसद एचआईवी पीड़ित गर्भवती महिलाओं के बच्चों को संक्रमित होने से बचाना है ।

लोगों को असुरक्षित यौन संबंध से बचना चाहिए

एसटीडी परामर्शी राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि 85 प्रतिशत एचआईवी का खतरा असुरक्षित यौन संबंध के कारण होता और 15 प्रतिशत ब्लड या अन्य माध्यमों से होता है। इसलिए लोगों को असुरक्षित यौन संबंध से बचना चाहिए। यदि यौन संबंध बना भी रहे हैं तो कंडोंम का प्रोटेक्शन जरूर लें। उन्होंने बताया कि जिले में पिछले दो महीनों में गर्भवती महिलाओं में एचआईवी के मामले सामने नहीं आये हैं । इसके पूर्व जो भी मामले आए उसमें अधिकांशतः महिलाओं के पति माइग्रेंट्स रहे हैं । इस वजह से पुरुषों में संक्रमण के कारण महिलाएं भी संक्रमित हुई।

सदर अस्पताल में एचआईवी संक्रमित गर्भवती के प्रसव की सुविधा मौजूद

सिविल सर्जन डॉ के एन तिवारी ने बताया कि सासाराम सदर अस्पताल में अब एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाओं के प्रसव की व्यवस्था शुरू हो गई है। पहले यह व्यवस्था जिला में नहीं थी । इसलिए वैसी स्थिति में उन्हें गया रेफर किया जाता था। परंतु अब यह व्यवस्था जिला में मौजूद है। उन्होंने कहा कि जो भी संक्रमित गर्भवती महिलाएं हैं वे अपना इलाज सरकारी अस्पतालों में ही कराएं। क्योंकि यहां पर सभी सुविधाएं उन्हें नि:शुल्क प्रदान की जाती और प्रसव की भी बेहतर व्यवस्था है। सिविल सर्जन ने बताया कि रोहतास जिले में 4 से 5 एचआईवी पीड़ित गर्भवती महिलाओं का सफल प्रसव कराया जा चुका है। प्रसव के बाद सभी बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ और एचआईवी रहित हैं ।

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Poshan Mah

रोहतास पत्रिका/सासाराम: बाल कुपोषण पर लगाम लगाने के लिए आईसीडीएस द्वारा कई स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। जिसमें आंगनवाड़ी केंद्रों पर नियमित रूप से बच्चों की वृद्धि निगरानी एक महत्वपूर्ण सेवा है। इस संबंध में मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से आईसीडीएस के सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्येवेक्षिका एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का उन्मुखीकरण किया गया।

फ़रवरी माह से शुरू होगी वृद्धि निगरानी

प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए, आईसीडीएस के निदेशक कौशल किशोर ने कहा कि प्रत्येक माह के पहले सप्ताह में शून्य से छह साल तक के बच्चों की वृद्धि निगरानी की जाएगी। इसे फ़रवरी माह से शुरू किया जाएगा, जिसे वजन सप्ताह या वृद्धि निगरानी सप्ताह के रूप में मनाया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की वृद्धि की बेहतर निगरानी करने की है। योजना के छह मुख्य घटकों में वृद्धि निगरानी एक महतवपूर्ण घटक है।

बच्चों के लिए 6 साल तक का समय महतवपूर्ण होता है। विशेषकर दो साल तक के बच्चों की निगरानी अधिक जरुरी हो जाती है। वहीं, बच्चों की वृद्धि निगरानी के जरिए कुपोषित एवं अति-कुपोषित बच्चों की पहचान होगी एवं उन्हें बेहतर रेफरल सेवाएं प्रदान की जा सकेगी। वृद्धि निगरानी सप्ताह मानाने का उद्देश्य यह भी है कि बच्चों के अभिभावकों को ससमय सुधार हेतु सही परामर्श दिया जा सके।

कुपोषण है एक बड़ी समस्या

इस दौरान समाज कल्याण विभाग के सचिव प्रेम सिंह मीना ने बताया कि राज्य में कुपोषण एक बड़ी समस्या है। इस लिहाज से इसपर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इससे निज़ात पाने के लिए विभिन्न दिशा-निर्देश भी दिया गया है, जिसमें विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से सरलता से जानकारी दी गयी है। दिशा निर्देश में अलग से निगरानी फॉर्मेट भी दिया गया है जिसे समुदाय भ्रमण के दौरान भरना भी जरुरी है। राज्य के बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के संकल्प को मजबूत करने में वृद्धि निगरानी काफ़ी कारगर साबित होगा।

वृद्धि निगरानी कुपोषण से निज़ात दिलाने में सहायक

यूनिसेफ की पोषण पदाधिकारी शिवानी डार ने बताया कि आंगनबाड़ी सेवाओं में वृद्धि निगरानी एक प्रमुख सेवा है। बच्चों के शारीरिक वृद्धि से मानसिक विकास भी संबंधित है। प्रत्येक माह वृद्धि निगरानी करने से हम सही समय पर वृद्धि अवरोधों को जान सकते हैं। इससे सही समय पर इसका निदान भी किया जा सकता है।उम्र के हिसाब से बच्चों के वजन, लंबाई एवं ऊँचाई में वृद्धि होती है. इसलिए नियमित अन्तराल पर बच्च्चों की वृद्धि की सही निगरानी करना जरुरी है।

छोटे बच्चों में शारीरिक वृद्धि बहुत तेजी से होती है। इसे ध्यान में रखते हुए 2 साल से कम उम्र के बच्चों की वृद्धि की शत-प्रतिशत निगरानी करनी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। गरीब समुदाय या सुदूर क्षेत्र में रहने वाले बच्चों में कुपोषण की संभावना अधिक होती है। इसलिए ऐसे बच्चों को लक्षित करना भी जरुरी है।

कार्यक्रम में पोषण अभियान के राज्य नोडल पदाधिकारी रिफ़त अंसारी, पोषण सलाहकार मनोज कुमार, डॉ. संदीप घोष एवं संतोष गुप्ता उपस्थित रहे। वहीं, जिले की डीपीओ रश्मि रंजन, सभी परियोजनाओं की सीडीपीओ, प्रखंड समन्वयक व अन्य कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े रहे।

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Fruit Seller arrested
  • डीएसपी ऑफिस के सामने चल रहा था खेल, नगर थाने को नहीं लगी भनक
  • उत्पाद विभाग ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर फल दुकानदार सहित दो लोगों को दबोचा

रोहतास पत्रिका/सासाराम: शहर के सबसे व्यस्तम जगह कचहरी के समीप सासाराम डीएसपी ऑफिस के सामने एक फल दुकानदार द्वारा फल दुकान की आड़ में शराब का कारोबार चलाया जा रहा था। जहां उत्पाद विभाग के उत्पाद निरीक्षक प्रभात विद्यार्थी के नेतृत्व में गुप्त सूचना पर छापेमारी कर विदेशी शराब के साथ फल व्यवसायी सहित दो लोगों को रंगे हाथ धर दबोचा गया। गिरफ्तार फल व्यवसायी सुशील कुमार बताया गया है, जिसके पास से उत्पाद विभाग की टीम ने 6 पीस ब्रांडेड विदेशी शराब बरामद किया है। जबकि दूसरा गिरफ्तार आरोपी सासाराम शहर के वार्ड-40 आलमगंज निवासी रवि कुमार बताया गया है।

उत्पाद विभाग ने दोनो को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार उत्पाद विभाग की टीम द्वारा कई जगहों पर विशेष अभियान के तहत कुल 5 शराब के धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है। जिसमें बिक्रमगंज से तीन शराब कारोबारी के अलावे 40 लीटर चुलाई शराब बरामद किया गया है। बिक्रमगंज से उत्पाद विभाग की टीम ने विशेष अभियान के तहत दो शराब के धंधेबाज के अलावा शराब के एक बड़े कारोबारी नासरीगंज निवासी विकास कुमार को भी दबोचा है। विशेष अभियान में उत्पाद की टीम ने सासाराम शहर में तीन पियक्कड़ों को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार पियक्कड़ों में शोभागंज निवासी विन्ध्याचल चौधरी, करनसराय निवासी संतोष सिंह व संपत पाल खुड़िया निवासी बताया गया है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में शराबबंदी के बाद से ही सासाराम सदर डीएसपी कार्यालय के सामने आदित्य विजन के आगे मुख्य सड़क किनारे फल व्यवसायी द्वारा फल दुकान की आड़ में ब्रांडेड विदेशी शराब का कारोबार में लगा हुआ था। लेकिन नगर थाने की पुलिस को इसकी थोड़ी सी भी भनक नहीं लग सकी। हालांकि डीएसपी ऑफिस के सामने फल दुकान की आड़ में शराब के कारोबार में संलिप्त फल दुकानदार के गिरफ्तारी के बाद से लोगों में तरह-तरह के सवाल स्थानीय पुलिस पर उठने लाजिमी हो गया है।

क्या कहते है संबंधित अधिकारी 

सहायक उत्पाद आयुक्त अमृता कुमारी ने बताया कि शनिवार को विभाग के द्वारा उत्पाद निरीक्षक के अगुवायी में शराबबंदी को सफल बनाने को लेकर विशेष अभियान चलाया गया था। जिसमें एक फल व्यवसायी द्वारा फल दुकान की आड़ में शराब का कारोबार करने की गुप्त सूचना पर उत्पाद टीम ने सत्यापन कर मौके से फल व्यवसायी सुशील कुमार को विदेशी शराब के साथ धर दबोचा गया, वहीं मौके से शराब कारोबार में संलिप्त रवि कुमार नामक व्यक्ति की भी गिरफ्तारी की गयी है। हालांकि मौके से फल दुकानदार के पास से 3 पीस ब्लैक डॉग, 3 पीस रॉयल स्टैग सहित कुल 6 पीस ब्रांडेड विदेशी शराब जब्त किया गया है। जबकि बिक्रमगंज में भी एक बड़े शराब के कारोबार सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सासाराम में तीन पियक्कड़ को भी गिरफ्तार किया गया है।

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