रोहतास पत्रिका/सासाराम: जिला विधिक संघ एवं रोहतास बार एसोसिएशन में आयोजित विशेष बैठक के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार जैन ने अधिवक्ताओं को मिडिएशन सेटलमेंट सेंटर की कार्यप्रणाली और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस बैठक का उद्देश्य मिडिएशन प्रक्रिया के ज़रिये न्यायिक प्रणाली को अधिक प्रभावी, तेज और जनोन्मुखी बनाना था। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर जिले में मिडिएशन (मध्यस्थता) के ज़रिये मामलों के निपटारे की प्रक्रिया आगामी 90 दिनों तक चलाई जाएगी।
किन-किन मामलों का होगा समाधान?
जिला जज ने बताया कि मैट्रिमोनियल केस, एक्सीडेंटल क्लेम, डोमेस्टिक वायलेंस, चेक बाउंस, कमर्शियल विवाद और क्रिमिनल कंपाउंडेबल ऑफेंस जैसे मामलों को इस केंद्र के माध्यम से सुलझाया जाएगा। इन मामलों में पक्षकार आपसी सहमति से समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे, जिससे कोर्ट का समय बचेगा और न्याय शीघ्रता से मिलेगा।

समयसीमा और प्रक्रिया
हाईकोर्ट के आदेशानुसार 18 जुलाई 2025 तक ऐसे केस चिन्हित कर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद, इन केसों की सूचना/नोटिस 28 जुलाई तक भेजी जाएगी। सुनवाई के दौरान फिजिकल और VC (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) दोनों माध्यमों से पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।
अधिवक्ताओं और मजिस्ट्रेट की भूमिका
मिडिएशन प्रक्रिया में 40 घंटे का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त अधिवक्ता और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये लोग केस की प्रकृति के अनुसार पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर समाधान की दिशा में पहल करेंगे।
जिला जज ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे इस व्यवस्था को सहयोग दें और ज़्यादा से ज़्यादा केसों को चिन्हित कर समय पर सूची भेजें, जिससे इस अभियान को सफल बनाया जा सके।


