सुरक्षित मातृत्व आश्वासन “सुमन” योजना के तहत रखा जा रहा ख्याल

Suman

रोहतास पत्रिका/सासाराम: मातृ- शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सरकार द्वारा लगातार नए-नए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं । इन कार्यक्रमों से मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी के अप्रत्याशित लाभ भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में इस तरह के कार्यक्रमों को और अधिक बढ़ावा दिया जा रहा है। मातृ शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने को लेकर सरकार द्वारा सुरक्षित मातृत्व आश्वासन “सुमन” योजना संचालित है। जिसके तहत गर्भवती महिलाओं के साथ साथ प्रसव के 6 महीने तक धात्री महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य देखभाल के अलावा 0 से लेकर 6 वर्ष के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया है। जैसा कि हम जानते हैं कि प्रसव के पूर्व और प्रसव के बाद माता और शिशुओं को अत्यधिक देखभाल की आवश्यकता होती है।

उचित देखभाल और सुविधा के अभाव में कई गर्भवती महिलाएं अपनी जान खो देती हैं । गर्भवती महिलाओं की होने वाली इसी मृत्यु को रोकने के लिए सुरक्षित मातृत्व आश्वासन “सुमन” योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के अंतर्गत गर्भवती महिला एवं धात्री महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं फ्री में प्रदान करनी है। सुमन योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के 6 माह बाद तक फ्री में स्वास्थ्य लाभ दिया जाएगा। किसी महिला के अस्पताल में आने के बाद उसे प्रशिक्षित नर्स की निगरानी में लाया जाएगा और उसके तथा उसके शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी की जाएगी।

सुमन योजना के तहत मिलेगी कई सुविधाएं

गर्भवती महिलाओं के साथ साथ धातृ महिला व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सुरक्षित मातृत्व आश्वासन “सुमन” योजना के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ धात्री महिलाओं और नवजात शिशुओं को कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। योजना के अंतर्गत आयरन फोलिक एसिड सप्लीमेंट कराने की पूरी जिम्मेवारी अस्पताल की होगी। इसके अलावा महिला के गर्भावस्था के दौरान किसी प्रकार की जटिलता की स्थिति में सी सेक्शन की फ्री सुविधा प्रदान करना, गर्भावस्था और शिशु के पैदा होने के बाद पूरी देखभाल करना, महिला को घर से अस्पताल तक निःशुल्क परिवहन सुविधा प्रदान करना, आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं का प्रसव से पूर्व होने वाली टेस्ट का खर्च वहन करने के अलावा केंद्र सरकार, प्रसव नार्मल अथवा ऑपरेशन होने पर अस्पताल के सभी खर्च का भुगतान करेगी। साथ ही सरकार प्रसव के बाद 6 महीने तक बच्चों, महिला के लिए दवाइयों का इंतजाम करेगी। प्रसव में किसी तरह की परेशानी होने पर उपचार की आवश्यकता होने पर सरकार सभी खर्च का भुगतान करेगी। इसके अलावा भी कई सुविधाएं शामिल हैं।

गर्भवती महिला व नवजात की जान बचाना मुख्य मकसद

डीपीसी संजीव मधुकर ने बताया कि सुविधाओं के अभाव में अथवा गर्भावस्था के दौरान उचित खान-पान नहीं मिलने से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य बुरा असर पड़ता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं की जान भी चली जाती है। इसके लिए सरकार ने सुरक्षित मातृत्व आश्वासन “सुमन” योजना की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गर्भावस्था से प्रसव 6 महीने बाद तक निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया जा रहा है। डीपीसी ने बताया कि इस योजना के तहत अस्पतालों या प्रशिक्षित नर्सों की निगरानी में महिलाओं का प्रसव कराया जा रहा एवं मां और उसके बच्चे के स्वास्थ्य की उचित देखभाल की जा रही है।

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रोहतास: हत्या के दो महीने बाद भी नहीं हो सका शवों का पहचान

dead bodies found in rohtas

जिले के करगहर व सासाराम मुफस्सिल थान क्षेत्र से बरामद हत्या कर फेंके गए महिला के शव की पहचान करने में पुलिस तंत्र विफल है। घटना के करीब दो माह के समय गुजरने के बाद भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगे हैं। ऐसे में घटना को अंजाम देने वाले अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विगत आठ नवंबर को करगहर थाना क्षेत्र में सड़क से एक महिला का शव बरामद हुआ था। महिला को अपराधियों ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। हत्या के बाद अपराधी सड़क पर महिला का शव फेंक भाग निकले थे। सड़क से गुजर रहे लोगों की सूचना पर पुलिस ने शव को बरामद किया था। लेकिन, शव बरामदगी के लंबे समय बीतने के बाद पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग सका है। थाना से मिली जानकारी के अनुसार महिला की पहचान के लिए प्रयास चल रहा है। लेकिन, अभी तक कोई उपलब्धि नहीं मिली है।

वहीं एक दूसरी घटना सासाराम के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मोहद्दीगंज से 13 नवम्बर को प्रकाश में आई थी। जहां एक तालाब में महिला का शव पुलिस ने बरामद किया था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो महिला की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए तालाब में फेंकने के दौरान भारी वस्तु बांधकर उसे डूबा दिया गया होगा। ऐसे में दो-तीन दिन बाद जब शव पानी में ऊपर आया, तो लोग देख सके। बहरहाल मामला जो भी हो मृतका की पहचान के बाद ही घटना का खुलासा होगा।

पुलिस तलाब से मिली महिला के शव की कोई जानकारी महीना दिन बाद भी नहीं जुटा सकी है। ऐसे में करगहर व मुफस्सिल थाना क्षेत्र से बरामद दो महिला शवों की पहचान वउसके मौत फाइलों में दब कर रह गई है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष मो. रिजवान अहमद ने बताया कि शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। वहीं करगहर थानाध्यक्ष रामविलास प्रसाद ने बताया कि हत्या कर फेंकी गई महिला का शव की पहचान में पुलिस जुटी है।

Source: Hindustan

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मोबाइल नहीं देने पर सीने में दाग दी गोली, युवक की हालत गंभीर

इन दिनों बिहार में मोबाइल चोरी, छिनतई अब आम बात हो गई है. हर जिलों से प्रतिदिन सैकड़ों इस तरह के केस आते हैं. क्राइम पर कोई रोक नहीं है.अपराधियों के भीतर कानून का भय खत्म होते जा रहा है. प्रदेश के भोजपुर जिले से ऐसी ही एक घटना सामने आई है. जहां एक युवक से जबरन मोबाइल छिनने की कोशिश की गई. जिले के कोईलवर थाना क्षेत्र के गीधा ओपी अंतर्गत सोनघट्टा मोड़ स्थित आलू कोल्ड स्टोर के समीप युवक से अपराधी मोबाइल छिन रहे थे. युवक ने जमकर विरोध किया. गिड़गिड़ाता रहा है, कहा कि हम गरीब है हमारे पास मोबाइल नहीं है लेकिन बदमाशों ने एक नहीं सुनी. मोबाइल नहीं देनेे पर युवक के ऊपर गोली चला दी. बदमाश एक अपाची बाइक से आए थे. लड़का पुरी तरह से घायल होकर उसी स्थान पर बेसुध हो गया. परिजनों को सूचना मिलते ही आनन-फानन में आरा शहर के बाबू बाजार स्थित निजी अस्पताल लाया गया. जहां पर युवक इलाज चल रहा है. डॉक्टर ने बताया कि गोली सीने में लगी है, ब्लड काफी बह चुका है. उसके सीने में टेस्ट ट्यूब लगाया जा रहा है. दो यूनिट ब्लड चढ़ाया जाएगा. डॉ.विकास सिंह ने आगे बताया कि स्थिति अभी नाजुक बनी है, युवक को कुछ दिनों तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा.

SP ने कहा कि बदमाशों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा

घटना की सूचना मिलते ही SP सीधे अस्पताल पहुंच कर घायल से मिले. पुरी घटना की जानकारी लेते उन्होंने बताया कि घायल युवक कोइलवर थाना क्षेत्र के गीधा ओपी अंतर्गत सोनघट्टा गांव निवासी लाल मोहन पांडेय का पुत्र 19 वर्षीय अमन पांडे है. अमन दुध प्लांट में पैकिंग का काम करता है. हर रोज की तरह वो काम पर जा रहा था इसी दौरान घटना हो गई. अधीक्षक ने कहा कि हम इसे लुट-पाट की एंगल से ही जांच कर रहे हैं. उस जगह पर जो भी घटनाएं घटी है उसे लेकर जांच करेंगे ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द से गिरफ्तार कर सकें. SP ने बताया कि हम लोगों से कोआर्डिनेशन बनाए ऱखे हुए जिससे लॉ एंड आर्डर बनी रहे. वही थाना इंचार्ज प्रवीण कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गए हैं.

 

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Aadhar Card नहीं दिखाने पर BJP नेता ने एक व्यक्ति की ली जान? सोशल साइट पर वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें एक युवक से आधार कार्ड नहीं दिखाने पर बेरहमी से पीटा जा रहा है. ये वीडियो मध्यप्रदेश के नीमच जिले की बताई जा रही है हालांकि इस वीडियो की पुष्टि रोहतास पत्रिका नही कर रहा है. वायरल वीडियो में बीजेपी पार्षद के पति दिनेश कुशवाहा को कथित तौर पर जैन की पिटाई करते हुए देखा जा रहा है और उसे आधार कार्ड मांग रहे हैं. बीजेपी नेता युवक से पुछ रहे हैं कि क्या तुम मुस्लिम हो?

वायरल वीडियो पर पुलिस ने क्या कहा?

सोशल मीडिया पर वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में जिस व्यक्ति से आधार कार्ड मांगा जा रहा है. उसका नाम रतलाम के सरसी गांव निवासी 60 वर्षीय भंवरलाल जैन बताया जा रहा है. वहीं मानसा से भंवरलाल मृत स्थित में पाए गए. पुलिस ने शनिवार को सूचना दिया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने शनिवार को IPC की धारा 304 (लापरवाही से मौत) और 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की. मनासा थाना प्रभारी केएल डांगी ने बताया कि भंवरलाल जैन 18 मई को अपने परिवार के साथ चित्तौड़गढ़ गया था. उसके बाद में वह लापता हो गया. शुक्रवार को नीमच जिले के मनासा में उनका शव मिला. उन्होंने आगे कहा कि हम वीडियो की जांच कर रहे हैं. मामले में आरोपी के साथ वीडियो बनाने वाले के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले के बाद दिनेश कुशवाहा फरार हो गए हैं.

स्थानीय नेताओं ने बोला हमला

Congress के नेताओं ने BJP सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं. विधायक जीतू पटवारी ने कहा, ‘राज्य में कानून-व्यवस्था नहीं है और सिर्फ आधार कार्ड नहीं दिखाने पर एक व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डाला गया. मुस्लिम, दलित और आदिवासी के बाद जैन पर हमले हुए. प्रदेश में कोई सुरक्षित नहीं है. इस मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह जी को कुछ कहना चाहिए. वही BJP के प्रवक्ता हितेश वाजपेयी ने कहा, ‘यह बेहद दुखद घटना है, मामले की निष्पक्ष जांच होगी.

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दो बच्चे के पिता ने 7 साल की बच्ची के साथ किया रेप, बच्ची की हालत नाजुक

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है जहां पर एक युवक ने 7 साल की बच्ची के साथ रेप किया है. युवक का नाम विकास कुमार है जो कि मिठनपुरा का रहने वाला है. आरोपी की गिरफ्तारी हो गई है. आरोप स्वीकार्य करते हुए कहा कि मैं नशे के हालत में था इसलिए ये घटना हो गया. मैं होश में नहीं था, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था. महिला थाना की पुलिसकर्मी स्नेही ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी उसके घर से हो गई है. आरोपी दो बच्चे का पिता है. उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसे जेल भेजा जा रहा है.

तीन दिन पूर्व की घटना

आरोपी तीन दिन पहले एक शादी समारोह में गया था. जिस बच्ची के साथ रेप हुआ है उसके मौसा के साथ शादी में शामिल हुआ. शादी के दौरान युवक ने बच्ची को कोल्ड ड्रिंक पिलाने का झांसा देकर उसे बाइक पर बैठाकर घर के बाहर सुनसान झाड़ियों में ले गया और बच्ची के साथ रेप किया. बच्ची ने चिल्लाने की कोशिश की तो उसकी आवाज दबाकर उसके साथ जबरन रेप करते रहा. उसके बाद बच्ची को वही छोड़कर भाग गया. पीड़ित बेहोशी की हालात में पाई गई जहां पर दरिंदा ने रेप किया था. बच्ची अस्पताल में भर्ती है परिजनों ने बताया कि प्राइवेट पार्ट में काफी ब्लीडिंग हो गई है. आनन-फानन में पहले PHC में प्राथमिक इलाज करवाया गया है उसके बाद डॉक्टर ने SKMCH रेफर कर दिया. फिलहाल बच्ची SKMCH में भर्ती है. जहां पर उसका इलाज चल रहा है, स्थित काफी नाजुक बताई जा रही है. वहीं स्थानीय लोगों इसे लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की है. लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि क्षेत्र में क्राइम की घटना में काफी वृद्धि हो गई है. प्रशासन घटना होने का इंतजार करती है.

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रोहतास: अगरेर खुर्द दलित हत्याकांड के मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 21 दिन बाद पुलिस को मिली सफलता

Agar Khurd Dalit Murder Case

रोहतास पत्रिका/सूर्यपुरा: सूर्यपुरा थाना अंतर्गत अगरेर खुर्द गांव में 20 मार्च को आपसी विवाद में एक युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद मामले के आरोपी फरार चल रहे थे। अब हत्याकाण्ड के 21 दिन बाद सोमवार को पुलिस को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। मिली जानकारी के अनुसार अभियुक्त ब्रिज भूषण पांडे को पुलिस ने बिक्रमगंज थाना क्षेत्र से जांच के लिए गठित एसआईटी ने गिरफ्तार किया है।

घटना में प्रयुक्त हथियार अभी भी पुलिस के पहुँच से बाहर, नहीं हुआ आर्म्स लाइसेंस रद्द

घटना के बाद मामले की पुष्टि करते हुए पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने बताया था कि दलितों पर गोलीबारी करने में प्रयुक्त हथियार लाइसेंसी है या अवैध इसकी जांच की जा रही है। जांच में पता चला कि जिस हथियार से गोलीबारी हुई थी वह हथियार लाइसेंसी और उसकी लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की गई है। जब इस संबंध में बिक्रमगंज एसडीपीओ से बात किया गया तो पता चला की हथियार का लाइसेंस घटना के 21 दिन बीत जाने के बाद भी रद्द नहीं किया है।

मृतक की पत्नी ने कराई थी प्राथमिकी दर्ज

मृतक राजदेव पासवान की पत्नी इंदु देवी ने स्थानीय सूर्यपुरा थाना में गांव के ही 8 दबंगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सूर्यपुरा थानाध्यक्ष सुसंत कुमार ने धारा 147/148/149/341/323/447/307/302/504, 27 आर्म्स एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत कांड संख्या 32/22 दर्ज किया था। इस कांड में कुल 8 लोगों को नामजद किया गया था जिसमें अगरेर खुर्द निवासी भैया राम पांडे के पुत्र बृज भूषण पांडे, चंद्र भूषण पांडे एवं राज भूषण पांडे, स्व जय गोविंद पांडे के पुत्र भैया राम पांडे, बृज भूषण पांडे का पुत्र विकास पांडे, श्रीकांत दुबे का पुत्र सौरभ दुबे उर्फ किस्तु दुबे, रंगनाथ पांडे का पुत्र अभय पांडे एवं कमलेश पांडे का पुत्र संजीव पांडे शामिल है।

दिन-दहाड़े दो लोगों को मारी गई थी गोली, एक की हुई थी मौत

सूर्यपुरा थाना क्षेत्र के अगरेर खुर्द गांव में उक्त विवाद में एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। एक अन्य व्यक्ति को भी गोली लगी थी, लेकिन उसकी जान बच गई थी। ग्रामीण बताते है कि आपसी विवाद में झगड़ा बढ़ गया और कुछ लोगों द्वारा दिनदहाड़े फायरिंग की जाने लगी थी। जिसमें राजदेव पासवान एवं संतोष पासवान को गोली लग गई। राजदेव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संतोष को बिक्रमगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

3 दिनों से जारी तनाव ने लिया खूनी रूप

स्थानीय लोग बताते है कि 17 मार्च को अगरेर खुर्द गांव में नाली के ऊपर रखा पत्थर का स्लैब नाली में गिर गया था। उस स्लैब को निकाल कर हटाने को लेकर विवाद हो गया। तब गांव के दबंगों ने नींबू राम की पिटाई कर दी। उसी विवाद में 20 मार्च को भी दोनों पक्षों में नोंक-झोक हुआ। इसके बाद गांव के ही दबंगों के पक्ष से ताबड़तोड़ फायरिंग होने लगी जिसमें राजदेव पासवान और संतोष पासवान को गोली लग गई थी।

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जन सुराज में इस तरह से होगा उम्मीदवारों का चयन, आप भी जानिए

jan Suraaj

रोहतास पत्रिका/पटना: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी में उम्मीदवारों का चयन जनता द्वारा किया जाएगा, ना कि किसी नेता या पार्टी के समूह द्वारा। यह एक अनूठी पहल होगी, जहां पहली बार भारत में किसी राजनीतिक दल के उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से जनता की राय से होगा।

उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में कोई व्यक्ति या नेताओं का समूह उम्मीदवारों का चयन नहीं करेगा। अमेरिका की तरह, जहां राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का चयन जनता करती है, ठीक उसी प्रकार जन सुराज में भी उम्मीदवार जनता द्वारा चुने जाएंगे। इस तरह के प्रादर्शिता से चुनाव लड़ने वाले उमीदवारों को सहूलियत मिलेगी।

प्रशांत किशोर ने उदाहरण देते हुए कहा, अमेरिका में, जब राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होता है, तो कोई एक व्यक्ति या पार्टी का अध्यक्ष यह तय नहीं करता कि डोनाल्ड ट्रंप या कमला हैरिस को टिकट मिलेगा। उम्मीदवार खुद को प्रस्तुत करते हैं, जनता और पार्टी के बीच जाकर अपनी बात रखते हैं, और अंत में जिसे जनता चुनती है, वही उम्मीदवार बनता है। आगे उन्होंने बताया कि बिहार, जो लोकतंत्र की जननी है, यहीं से एक नया आगाज होगा।

मार्च से पहले जो भी लोग विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनना चाहते हैं, उन्हें जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद मार्च से नवंबर तक जन सुराज के संस्थापक सदस्य और जनता मिलकर इन उम्मीदवारों का मूल्यांकन करेंगे, और अंत में जिस पर जनता की मोहर लगेगी, वही जन सुराज का आधिकारिक उम्मीदवार बनेगा।

Source: Yash Chordia/Jan Suraaj

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बिहार: शांतिपूर्ण संपन्न हुआ विधानसभा उपचुनाव, 52.38 प्रतिशत हुआ मतदान

bihar byelection 2022

रोहतास पत्रिका/पटना: गोपालगंज और मोकामा विधानसभा सीट पर कराए जा रहे उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो गया। दोनों सीटों पर कुल 52.38 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। वहीं इस मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किया गया था। बिहार निर्वाचन आयोग के मुताबिक, मोकामा और गोपालगंज उपचुनाव में खबर लिखे जाने तक कुल 52.38 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले है। विभाग अनुसार मतदान प्रतिशत में और वृद्धि हो सकती है।

मोकामा में हुए सबसे अधिक मतदान

बिहार चुनाव आयोग के अनुसार मोकामा विधानसभा सीट के लिए सबसे अधिक 53.45 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि गोपालगंज सीट के लिए 51.48 प्रतिशत वोटिंग हुई है। पूरे मतदान के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किया गया था जिसके कारण एक-दो इलाकों में छिटपुट घटनाओं को छोड़कर कही से भी बड़ी अप्रिय घटना की अबतक सूचना नहीं मिली है।

मतदान के लिए बनाए गए थे 619 मतदान केंद्र

मोकामा और गोपालगंज विधानसभा सीट के लिए कराए जा रहे उपचुनाव के लिए कुल 619 मतदान केंद्र बनाए गए, जिसमें गोपालगंज में 330 मतदान केंद्र और मोकामा में 289 मतदान केंद्र बनाए गए थे। आपको बता दूँ कि मोकामा विधानसभा सीट से 6 प्रत्याशी तो गोपालगंज विधानसभा सीट से 9 प्रत्याशी मैदान में है। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 281251 है जबकि गोपालगंज विधानसभा में 331469 मतदाता हैं।

महागठबंधन और भाजपा के बीच टक्कर

बिहार में सरकार बदलने के बाद यह पहला उपचुनाव हो रहा है। इस चुनाव को राजनीतिक दृष्टिकोण के मुताबिक दोनों सीटों पर पर मुख्य मुकाबला महागठबंधन और भाजपा के बीच माना जा रहा है। गोपालगंज में भाजपा के विधायक और बिहार सरकार के पूर्व सहकारिता मंत्री सुबाष सिंह का असामयिक निधन होने से यह सीट रिक्त हो गई थी। वहीं, मोकामा के तत्कालीन विधायक अनंत सिंह को अवैध हथियार रखने के मामले में सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई थी। मोकामा में अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी तो गोपालगंज में सुबाष सिंह की पत्नी कुसुम देवी मैदान में हैं।

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शहर की समस्यों को किया जाएगा दूर, महिलाओं के लिए विशेष सुविधा का होगा प्रावधान: सत्यवंती देवी

nagar nigam election

रोहतास पत्रिका/सासाराम: नगर निगम चुनाव को लेकर गतिविधियां पूरी तेज हो गई है। अब अभ्यर्थी पूरी तरह से मैदान में उतर चुके हैं और कोई भी मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं। चुनाव में विभिन्न मुद्दों को लेकर अभ्यर्थी लोगों के पास पहुंच रहे हैं और शहर को नया रूप देने के लिए वचनबद्ध भी हो रहे हैं। नगर निगम चुनाव को लेकर रविवार को माइको पर सासाराम नगर निगम के डिप्टी मेयर प्रत्याशी सत्यवंती देवी ने प्रेस वार्ता का आयोजन किया।

इस दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सासाराम नगर निगम में महिलाओं की जो समस्या है वह महिलाओं से मिलने के बाद भी प्रतीत हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां भी वो जा रही है महिलाएं उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करा रही हैं और उस समस्याओं को दूर करने के लिए आग्रह कर रही है। उन्होंने कहा कि आज महिलाओं के लिए शहरी क्षेत्रों में एक भी शौचालय नहीं है इसलिए मेरे एजेंडे में सर्वप्रथम महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों के लिए डीलक्स शौचालय का निर्माण करवाना मुख्य है। इसके अलावा महिलाओं को उद्यमी बनाने के लिए जो भी सरकार की योजनाएं चलाई रही है उसका लाभ उन्हें दिलवाना होगा।

उन्होंने कहा कि सासाराम ऐतिहासिक शहर है और इसके इतिहास को संजोए रखना हम सभी का कर्तव्य होता है। ऐसे में सबसे पहले ऐतिहासिक धरोहरों को विश्व पटल पर लाने में कार्य किया जाएगा और शहर की जो सबसे बड़ी समस्या जल निकासी और गंदगी है उसे दूर किया जाएगा ताकि हमारे ऐतेहासिक धरोहरों को देखने के लिए जब कोई व्यक्ति अन्य राज्यों से आए तो वह शहर की स्थिति देख कर गर्व महसूस करें। सत्यवंती देवी ने कहा कि चुनावी भ्रमण के दौरान गरीब घरों में शिक्षा की कमी दिखी।

गरीब परिवारों के बच्चों को खासकर लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया जाएगा ताकि लड़कियां पढ़ाई कर अपना भविष्य संवार सकें। इसके लिए सरकारी स्कूलों को सुदृढ़ किया जाएगा और शहरी क्षेत्रों में लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए मनोरंजन पार्क का भी निर्माण करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि लोगों का सहयोग रहा तो हमारा सासाराम बदलेगा और शहर के लोग खुद को गौरवान्वित महसूस करेंगे। मौके पर पूर्व सासाराम नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद रहे।

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जातिगत जनगणना को लेकर सर्वदलीय बैठक, तेजस्वी ने कही बड़ी बात

पटना: जातिगत जनगणना को लेकर सभी पार्टियों की सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी. ये बैठक पटना में आयोजित हुआ था. जहां RJD का प्रतिनिधित्व तेजस्वी यादव कर रहे थे. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिल को अगली कैबिनेट बैठक में लाने और नवंबर के महीने में इसे शुरू करनी चाहिए. उनका आगे कहना था कि छठ पुजा में बिहार से बाहर रहने वाले कई लोग घर आते हैं इस समय आकड़े सही प्राप्त होंगे, और पर्याप्त समय भी तैयारी करने के लिए मिल जाएगा. पूर्व उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जातीय जनगणना है ना कि जनगणना, ये हमारी जीत है. बैठक के दौरान तेजस्वी ने बताया कि इसमें मानव शास्त्रियों को शामिल करने के लिए अपना सुझाव दिया है. इसे लेकर केन्द्र सरकार को आगे आना चाहिए और आर्थिक रुप से समर्थन करना चाहिए. ये फैसला बिहार के रहने वाले लोगों के हित में है.

नीतीश कुमार ने कही ये बात

बिहार प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार ने बैठक को लेकर अपनी खुशी जताई. उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रीय स्तर पर जाति जनगणना कराने के लिए केंद्र की अनिच्छा के बाद राज्य में “सभी जातियों और समुदायों का सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण” करेगी. वही सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद, कुमार ने कहा कि विशाल अभ्यास के लिए आवश्यक कैबिनेट मंजूरी जल्द ही दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये खुशी के बात है कि सभी दलों के लोगों ने इस बैठक को लेकर सर्वसम्मति से समर्थन किया है.

बीजेपी से कौन-कौन शामिल

उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और राज्य इकाई के प्रमुख संजय जायसवाल ने बैठक में भाग लिया. बीजेपी अपने केन्द्र के फैसले पर अडिग रही. इस बैठक को लेकर बीजेपी के नेताओं ने कैमरे से बचने की कोशिश की. जातीय जनगणना को लेकर बीजेपी के कई नेता इसके हक में नहीं है लेकिन उनके भी अपनी मजबूरी है. आपको बता दें कि केन्द्र सरकार ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अगर राज्य सरकार जातीय जनगणना कराना चाहती है तो राज्य सरकार स्वतंत्र है. केन्द्र सरकार के तरफ से कोई भी आर्थिक मदद नहीं मिल पाएगी.

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जाति आधारित जनगणना का विरोध BJP करेगा तो टूट जाएगा NDA का गठबंधन : BJP थिंक टैंक

रोहतास पत्रिका/पटना: बिहार में जातिगत जनगणना को लेकर सभी पार्टियों की सहमति बन गई है. इस बात की जानकारी शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने दी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री ने पहले ही बता दिया है कि जाति आधारित जनगणना पर जल्द ही पटना में एक बैठक होगी. मंत्री ने स्पष्ट करते हुए बताया कि बिहार सरकार ने एक जून (बुधवार) को पटना में जाति आधारित जनगणना के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक करने का फैसला किया है. इस तारीख पर सभी दलों ने अपनी सहमति जताई है. आगे चौधरी ने कहा कि बैठक का स्थान 4 देश रत्न मार्ग, पटना में शाम करीब 4 बजे आयोजित होगा. वही बैठक में सभी पार्टियों के शीर्ष नेताओं का आगमन तय माना जा रहा है.

सभी पार्टियों की सहमति

27 मई को हुई बैठक को लेकर नीतीश कुमार ने सकारात्मक संकेत दिए थे. बिहार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को छोड़कर RJD, JDU, कांग्रेस, वाम दल, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) सहित सभी दलों ने जाति-आधारित जनगणना पर सहमति व्यक्त की. भाजपा अपने केंद्रीय नेतृत्व के रुख पर अड़ी हुई थी, जिसने देश में जाति आधारित जनगणना नहीं करने का फैसला किया था हालांकि अब बीजेपी की रूख में हल्की नरमी देखी जा रही है.

BJP की असहमति से टूट जाएगी गठबंधन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जाति आधारित जनगणना कराने के अपने फैसले पर अडिग हैं. BJP थिंक टैंक का मानना ​​है कि अगर वे बिहार में जाति आधारित जनगणना का विरोध करेंगे तो सीएम नीतीश कुमार बीजेपी से गठबंधन तोड़ सकते हैं और राजद की मदद से बिहार में सरकार बना सकते हैं. नीतीश कुमार और तेजस्वी की बढ़ती नजदीकियों से BJP परेशान दिख रही है. भाजपा को डर सता रहा कि गठबंधन ना टूटे, इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने अपनी सहमति जताई है. आपको बता दें, प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि राज्य अपने खर्च पर जाति आधारित जनगणना करने के लिए स्वतंत्र हैं.

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CGC यूनिवर्सिटी मोहाली ने ₹50 करोड़ की CGCUET स्कॉलरशिप की लॉन्च, योग्य छात्रों को मिलेगा सहारा!

रोहतास पत्रिका/पंजाब: मोहाली स्थित CGC यूनिवर्सिटी ने उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ₹50 करोड़ की CGCUET स्कॉलरशिप योजना लॉन्च की है। यह जानकारी यूनिवर्सिटी के एडमिशन और मार्केटिंग के जनरल मैनेजर डॉ. हितेश कलोटा ने दी। इस अवसर पर बिहार की राजधानी पटना के होटल रेड वेलवेट में प्रिंसिपल-कम-टीचर्स मीट का आयोजन भी किया गया, जिसमें 50 से अधिक स्कूल प्रिंसिपल और शिक्षक शामिल हुए।

डॉ. हितेश कलोटा ने बताया कि CGC यूनिवर्सिटी, जो पहले CGC झंजेरी के नाम से जानी जाती थी, 2012 में स्थापित एक नई उम्र की यूनिवर्सिटी है। यह यूनिवर्सिटी NAAC A+ ग्रेड, NIRF रैंकिंग और NBA मान्यता के साथ उत्तरी भारत की अग्रणी यूनिवर्सिटियों में शामिल है। CGC यूनिवर्सिटी AI-आधारित कोर्स, मजबूत एकेडमिक्स, रिसर्च और बेहतरीन प्लेसमेंट पर विशेष फोकस करती है, जिससे छात्रों को शानदार करियर के अवसर मिलते हैं।

एकेडमिक सत्र 2026-27 के लिए लॉन्च की गई ₹50 करोड़ की CGCUET (CGC यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) स्कॉलरशिप का उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक अंतर को पाटना है, ताकि कम आय वाले परिवारों के मेधावी छात्र बिना किसी आर्थिक दबाव के अपनी उच्च शिक्षा पूरी कर सकें। इससे पहले यूनिवर्सिटी की स्कॉलरशिप राशि ₹7 करोड़ थी, जिसे अब बढ़ाकर ₹50 करोड़ कर दिया गया है।

पटना में आयोजित बैठक के दौरान नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर भी विस्तृत चर्चा हुई। शिक्षकों और प्रिंसिपलों ने छात्रों के लिए सही कोर्स और कैंपस चयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। डॉ. हितेश कलोटा ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का आधार शिक्षा है और शिक्षक समाज व राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।

CGC यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री एस. रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा कि उच्च शिक्षा किसी भी छात्र के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निवेश है और आर्थिक परेशानियां किसी के सपनों में बाधा नहीं बननी चाहिए। वहीं, मैनेजिंग डायरेक्टर श्री अर्श धालीवाल ने कहा कि यह स्कॉलरशिप कार्यक्रम भविष्य के प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर देगा।

CGCUET स्कॉलरशिप के चयन मानदंडों में एकेडमिक रिकॉर्ड, एंट्रेंस एग्जाम का प्रदर्शन, लीडरशिप क्वालिटी, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी, सम्मान और कार्य अनुभव शामिल हैं। CGC यूनिवर्सिटी का यह प्रयास देशभर के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के नए द्वार खोलेगा।

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इतिहास में दबी ‘कुदरा नदी’ की कहानी: नक्शों में मौजूद, जमीन पर गायब!

सासाराम। इतिहास इस बात का साक्षी है कि विश्व की अधिकांश सभ्यताएँ नदियों के किनारे विकसित हुईं। देश-दुनिया के बड़े शहर आज भी नदियों के तट पर बसे हैं, लेकिन सासाराम एक ऐसा प्राचीन शहर है जो आज बिना किसी नदी के अस्तित्व में है। आश्चर्य की बात यह है कि सासाराम का लिखित इतिहास 251 ईसा पूर्व तक जाता है।

शहर की प्राचीनता का प्रमाण चंदतन शहीद पीर पहाड़ी पर स्थित सम्राट अशोक के लघु शिलालेख से मिलता है, जो ईसा पूर्व 251 का माना जाता है। उसी काल में यहां बौद्धों का समागम हुआ था। इसके अलावा शहर में मल्लाह (मछुआरा) समाज की दो बड़ी बस्तियां—भारतीगंज और चंवर तकिया—आज भी मौजूद हैं, जबकि आमतौर पर मल्लाहों की आबादी नदी किनारे ही बसती है।

नदी के जमीन पर खेती करते लोग!

इतिहासकारों के अनुसार सासाराम में कभी कुदरा नामक नदी बहती थी। यह नदी कैमूर पहाड़ी की वादियों से निकलकर शहर के दक्षिणी छोर को छूते हुए पश्चिम दिशा में बहती थी। वर्ष 1912 और 1931 के पुराने नक्शों में इस नदी का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। यहां तक कि 1971 के सर्वे नक्शे में भी इसके निशान दर्ज हैं। शहर के दक्षिणी छोर पर नदी के नाम से बसा मोहल्ला और वहां बना पुल भी इसके अस्तित्व की गवाही देता है।

कालांतर में सोन नहर प्रणाली के विकास के दौरान बेदा नहर को इसी नदी पर पुल बनाकर पार कराया गया। धीरे-धीरे जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और मानवीय लापरवाही के कारण कुदरा नदी सूखती चली गई। आज स्थिति यह है कि नदी का अधिकांश भू-भाग या तो बंदोबस्त कर दिया गया है या फिर अतिक्रमण की चपेट में है।

नदी का एक हिस्सा कचरे के ढेर में तब्दील!

विडंबना यह है कि न तो आम लोग और न ही प्रशासन इस विलुप्त नदी को लेकर गंभीर दिखाई देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कुदरा नदी आज भी जीवित होती, तो सासाराम को भूमिगत जल संकट का सामना नहीं करना पड़ता। कभी जीवनदायिनी रही यह नदी अब केवल नक्शों और इतिहास के पन्नों तक सिमट कर रह गई है।

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पटना: 24 अगस्त को होगा स्टार्ट-अप समिट का आयोजन, 21 इनोवेटिव स्टार्ट-अप्स को मिलेगा सम्मान

Rohtas Patrika/Patna: लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के तहत राज्य में उद्यमिता और रोजगार सृजन को नई दिशा देने के उद्देश्य से स्टार्ट-अप समिट 2025 का आयोजन 24 अगस्त को पटना के रविन्द्र भवन में होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। दिल्ली स्थित एंजेल निवेशक अमित कुमार ने घोषणा की है कि चयनित 21 स्टार्ट-अप्स को 21 लाख रुपये का फंड प्रदान किया जाएगा।

इस अभियान का लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत में विकसित बिहार का निर्माण करना है। शिक्षा, समता और उद्यमिता को मूल मंत्र बनाकर चल रहे इस अभियान से अब तक 2.5 लाख से अधिक लोग सीधे जुड़े हैं, जिनमें 15 हजार से अधिक उद्यमी और कॉर्पोरेट क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ लोग भी शामिल हैं। वर्तमान में 350 से अधिक स्टार्ट-अप्स इस अभियान के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

21 स्टार्ट-अप्स को मिलेगा सम्मान

इस समिट में बिहार के 21 ऐसे स्टार्ट-अप्स को “बिहार उद्यमिता सम्मान” दिया जाएगा, जिनमें 100 से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है या जिनकी भविष्य की संभावनाएं अत्यंत प्रबल हैं। साथ ही इस अवसर पर ड्राफ्ट बिहार विजन 2047 डाॅक्यूमेंट भी जारी किया जाएगा, जिस पर सुझाव लेकर इसे 21 दिसंबर, 2025 को बेंगलूरू में आयोजित होने वाले बिहार @ 2047 विजन कॉन्क्लेव में बिहार को समर्पित किया जाएगा।

बड़े उद्यमियों और निवेशकों की मौजूदगी

कार्यक्रम में कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी जिनमें विकास वैभव (मुख्य संरक्षक), सर्वेश कुमार (एमएलसी), सैयद शमाएल अहमद (राष्ट्रीय अध्यक्ष, PSACWA), विपुल कुमार (उपाध्यक्ष CtrlS), निरेन आनंद (सोशल फुटवियर उद्यमी), ओ.पी. सिंह (सीईओ, बर्नेट फार्मास्युटिकल्स), राहुल कुमार सिंह (मुख्य समन्वयक), डॉ. प्रीति बाला (गार्गी चैप्टर), सोनम मिश्रा (उपाध्यक्ष, सुलभ इंटरनेशनल) और अन्य शामिल हैं।
व्यापक अभियान

लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के तहत अब तक देश और विदेश में 2200+ कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। हाल के वर्षों में दिल्ली, दुबई, मुंबई, बेंगलुरू, हैदराबाद और वडोदरा तक इस अभियान की गूंज सुनाई दी है। इसके अलावा, बेगूसराय, आरा, सासाराम, छपरा और वैशाली में हुए बृहत जन संवादों में हजारों लोगों की भागीदारी रही।

सामाजिक और शैक्षणिक बदलाव की दिशा

यह अभियान सिर्फ उद्यमिता तक सीमित नहीं है, बल्कि 14 जिलों में 27 निःशुल्क शिक्षा केंद्र और 250 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से सामाजिक बदलाव का भी प्रयास कर रहा है। महिलाओं द्वारा संचालित गार्गी पाठशाला और चिकित्सकों द्वारा चलाए जा रहे जीवक अध्याय से अब तक हजारों लोग लाभान्वित हुए हैं। स्टार्ट-अप समिट 2025 न केवल बिहार के युवाओं को अवसर देगा, बल्कि राज्य को एक नए आर्थिक और सामाजिक बदलाव की ओर ले जाने का संकल्प भी है।

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मिडिएशन सेटलमेंट सेंटर को लेकर जिला जज ने अधिवक्ताओं को दी महत्वपूर्ण जानकारी

रोहतास पत्रिका/सासाराम: जिला विधिक संघ एवं रोहतास बार एसोसिएशन में आयोजित विशेष बैठक के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार जैन ने अधिवक्ताओं को मिडिएशन सेटलमेंट सेंटर की कार्यप्रणाली और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस बैठक का उद्देश्य मिडिएशन प्रक्रिया के ज़रिये न्यायिक प्रणाली को अधिक प्रभावी, तेज और जनोन्मुखी बनाना था। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर जिले में मिडिएशन (मध्यस्थता) के ज़रिये मामलों के निपटारे की प्रक्रिया आगामी 90 दिनों तक चलाई जाएगी।

किन-किन मामलों का होगा समाधान?

जिला जज ने बताया कि मैट्रिमोनियल केस, एक्सीडेंटल क्लेम, डोमेस्टिक वायलेंस, चेक बाउंस, कमर्शियल विवाद और क्रिमिनल कंपाउंडेबल ऑफेंस जैसे मामलों को इस केंद्र के माध्यम से सुलझाया जाएगा। इन मामलों में पक्षकार आपसी सहमति से समाधान की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे, जिससे कोर्ट का समय बचेगा और न्याय शीघ्रता से मिलेगा।

जिला विधिक संघ एवं बार एसोसिएशन में आयोजित विशेष बैठक में मौजूद अधिवक्ता

समयसीमा और प्रक्रिया

हाईकोर्ट के आदेशानुसार 18 जुलाई 2025 तक ऐसे केस चिन्हित कर सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद, इन केसों की सूचना/नोटिस 28 जुलाई तक भेजी जाएगी। सुनवाई के दौरान फिजिकल और VC (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) दोनों माध्यमों से पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

अधिवक्ताओं और मजिस्ट्रेट की भूमिका

मिडिएशन प्रक्रिया में 40 घंटे का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त अधिवक्ता और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये लोग केस की प्रकृति के अनुसार पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर समाधान की दिशा में पहल करेंगे।

जिला जज ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे इस व्यवस्था को सहयोग दें और ज़्यादा से ज़्यादा केसों को चिन्हित कर समय पर सूची भेजें, जिससे इस अभियान को सफल बनाया जा सके।