रचना: कर्म का लेखा-जोखा

लेखक: धीरेन्द्र कुमार मनुष्य की कतार है लंबी, स्वर्ग और नर्क के रास्ते का बनोगे तुम भी पथिक, इस सुगम और दुर्गम पथ का अच्छे कर्म के रास्ते में, पृथ्वी लोक पर शूल मिलेंगे पर घबराना मत अच्छे कर्म के लिए, स्वर्ग के पथ पर फूल मिलेंगे । यमलोक में आएगी बारी, सबकी पारी […]