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    ‘राइज अगेंस्ट हंगर इंडिया’ के इस पहल से भारत बनेगा भुखमरी से मुक्त, हंगर हॉटस्पॉट की हो रही तलाश

    रोहतास पत्रिका/नई दिल्ली:

    भारत समेत पूरे विश्व के लिए भुखमरी एक बड़ी समस्या बन गई है, जिससे निपटने के लिए सभी देश अपने तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। साल 2020 में ‘हंगर इंडेक्स’ की आई रिपोर्ट के मुताबिक भारत का स्थान कुल 107 देशों में 94वें नम्बर पर है। जो भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए शर्मिंदगी की बात है। भारत सरकार के अलावा कई ऐसे ट्रस्ट(एनजीओ) हैं जो भुखमरी कम करने और किसानों तक खाद्य और बीज पहुँचाने को लेकर काम कर रहे हैं। ताकि किसानों की पैदावार में बढ़ोतरी हो।

    ‘विश्व खाद्य दिवस’ 16 अक्टूबर को भारत के कुछ सबसे असुरक्षित खाद्य को जरूरतमंद के जेब तक पहुंचाने के लिए ‘राइज अगेंस्ट हंगर इंडिया’ द्वारा एक बड़ी पहल शुरू की गई थी। बता दें, ‘राइज अगेंस्ट हंगर इंडिया’ अमेरिका द्वारा संचालित एक ऐसी संस्था है जो भारत समेत 6 अन्य देशों में काम कर रही है। जिसका मुख्य उद्देश्य गरीब किसानों को जरूरी खाद्य और बीज तथा भूखे बच्चों को खाना और शिक्षा मुहैया कराना है। इस संस्था के द्वारा शुरू की गई पहल का नाम SAMBAL (रिसोर्स बेस) है जो आने वाले समय में आजीविका और खाद्य सुरक्षा प्रयासों के लिए चयनित जिलों में ग्रामीण परिवारों पर ध्यान केंद्रित करेगी।

    भारत की आधी जनसंख्या कृषि पर आधारित है। जिसका कुल जीडीपी में 9-10% की हिस्सदारी है। इन सब के बावजूद भारत के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और ज्यादा पैदावार बढ़ाने हेतु उच्च तकनीक नहीं मिल पा रही है। ये समस्या सबसे ज्यादा उन इलाकों में देखी जाती है जो पिछड़ा या अतिपिछड़ा के कैटेगरी में आते हैं। यह संस्था उन इलाकों में जाकर वहां लंबे समय तक मदद पहुँचाने का काम करती है।

    इस संस्था ने इंडिया के अंदर ‘हंगर हॉटस्पॉट’ की तलाश करने के लिए नए मापदंड तैयार की थी, जिसमें कुल 54 पैरामीटर निर्धारित किये गए थे। बच्चों की देखभाल, प्रसव के दौरान जरूरी सहायता, स्वच्छ जल, भोजन, समाजिक सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा जैसे मापदंड के आधार पर संस्था ने 8 अलग-अलग क्षेत्रों के कुल 32 जिलों का चयन किया था। ये जिले खासकर अंतरराज्यीय क्षेत्र में आते हैं, जिसमें उड़ीसा, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्यप्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र और गुजरात के जिले शामिल है।

    बता दें कि पहले चरण में तीन अलग-अलग क्षेत्रों के कुल 17 जिलों पर काम शूरू किया जाने वाला है। जो इस प्रकार हैं- मलकानगिरि (OD), कोरापुट (OD), नबरंगपुर (OD), बस्तर (CH), दंतेवाड़ा (CH), विजयनगरम (AP), क्लस्टर 2-गोड्डा (JH), दुमका (JH), साहिबगंज (JH), पाकुड़ (JH), बांका (BI), जमुई (BI), बीरभूम (WB), धार (MP), बड़वानी (MP), नंदुरबार (MH), नर्मदा (GJ)। अगर कोई छोटी संस्था ‘राइज अगेंस्ट हंगर इंडिया’ के साथ मिलकर ग्रासरूट पर काम करना चाहती है तो इसके लिए 15 नवंबर 2020 से पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

    बता दें कि ये एक अमेरिकी एनजीओ है जो इंडिया में 2013 से काम कर रही है। 1998 में अमेरिकन मिनिस्टर रहे ‘रे बुकानन’ ने इसकी शुरुआत की थी, तब इस एनजीओ का नाम ‘स्टॉप हंगर नाउ’ था, जिसे 2017 में बदलकर ‘राइज अगेंस्ट हंगर इंडिया’ रख दिया गया था।

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