File Photo | श्रम संसाधन मंत्री जीवेश मिश्रा

रोहतास पत्रिका/पटना:

जब भी कही चुनाव होता है तो रोजगार की बात सबसे पहले आता है। इसी तरह बिहार विधानसभा चुनाव 2020 का एक अहम मुद्दा युवाओं को रोजगार देना था। आरजेडी के 10 लाख नौकरियों के दावे के जवाब में एनडीए ने जनता से 19 नौकरियों का दावा किया। एनडीए सरकार की गठन के बाद मुफ्त वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है, लेकिन रोजगार के विषय में अब तक कुछ स्पष्ट नहीं हो पाया है। 

एनडीए सरकार कैसे और कब 19 लाख रोजगार देगी, यह सवालों के बीच बिहार सरकार में श्रम संसाधन मंत्री जीवेश मिश्रा का अटपटा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि पुरानी व्यवस्था बदलने की वजह से बेरोजगारी बढ़ी है। बिहार के वैशाली जिले के महनार में आत्मनिर्भरता को लेकर आयोजित एक सेमिनार में पहुंचे मंत्री जी ने कहा कि हिंदुओं की पुरानी परंपरा यानी कि सनातनी व्यवस्था में रोजगार और बेरोजगार जैसे शब्द ही नहीं थे। 

उन्होंने कहा कि पुराने समय में तो मां के गर्भ में ही बच्चे का रोजगार तय हो जाता था। आज व्यवस्था बदल गई है, इसलिए बेरोजगारी है। अगर मंत्री जी के शब्दों को सही-सही समझे तो मंत्री जी यह कह रहे थे कि पुराने समय में वर्ण के साथ ही रोजगार के तय हो जाने की जो परंपरा थी, वो रोजगार का बेहतरीन नमूना था। 

गौरतलब है कि दरभंगा के जाले विधानसभा क्षेत्र से विधायक जीवेश मिश्रा को पहली बार बीजेपी कोटे से मंत्री बनाया गया है। जीवेश मिश्रा बिहार सरकार में श्रम संसाधन मंत्रालय का जिम्मा सम्भाल रहे हैं। इतने महत्वपूर्ण पद पर होने के बावजूद रोजगार को लेकर ऐसा अटपटा बयान देना वाकई चौंकाने वाली बात है।