रोहतास पत्रिका/डेस्क:

राष्ट्रीय लोक समता दल (RLSP) और जनता दल यूनाईटेड़ (JDU) में फिर से एक बार गठबंधन के आसार नज़र आ रहे है। बुधवार 3 फरवरी के दिन जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता नारायण सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा से गठबंधन के विषय में कहा कि इस बारे में आगे की ओर सकारात्मक रुप से बातचीत चल रही है। आपको बता दें कि इस गठबंधन का यह पहला दौर नहीं होगा।

पिछले कई बार उपेंद्र कुशवाहा ने नितीश कुमार की पार्टी को छोड़ा है मगर वापस भी आए है। उपेंद्र ने अपने राजनितीक करियर की शुरुआत मुख्यमंत्री नितीश कुमार के नेतृत्व में की थी। काफी बार मतभेदों और मनभेदों के कारण वो पार्टी से अलग हुए। नितीश कुमार ने उन्हें आगे बढ़ने में मदद की परंतु केवल एक बार के अलावा उन्हें कभी भी जेडीयू से अलग होने के बाद कोई बड़ा मंच हासिल नहीं हो पाया। यही वजह रही है जब वो फिर से घर वापसी करना चाहते है। 

2014 में एनडीए (NDA) के ज़रिए श्री कुशवाहा ने लोकसभा चुनाव लड़ा और 3 सीटें जीतें और मंत्री बने। लेकिन 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को 2 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था। बाद में वो महागठबंधन का भी हिस्सा बने थे, मगर 2020 के चुनाव के पहले ही वो अलग हो गए। फिर कई दलों का गठबंधन बनाकर विधानसभा चुनाव में उतरे थे, पर वो सफल नहीं हुए। 2004 में उपेंद्र कुशवाहा को विधानसभा में विपक्ष का नेता नीतीश कुमार ने ही बनाया था।

2005 में फरवरी और अक्टूबर दोनों विधानसभा चुनाव में कुशवाहा हार गए थे। उसके बाद वो जेडीयू के प्रदेश प्रधान महासचिव बनाये गए थे। इसके बाद कुशवाहा 2006 में शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल हुए और इसके प्रदेश अध्यक्ष बने, 2008 अक्टूबर में वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से अलग हुए और फिर राष्ट्रीय समता पार्टी बनायी, जिसका मिलाप जेडीयू में हुआ था। इस बार के विलय में कहा जा रहा है कि यह गठबंधन जल्द ही होगा क्योंकि दोनों तरफ से बातचीत कर सहमती बन चुकी है।