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    रोहतास: विजय दिवस पर एनसीसी कैडेटों ने सुनाई शौर्य गाथा, नुक्कड़ नाटक का आयोजन

    रोहतास पत्रिका/सासाराम:

    भारत व पाकिस्तान के बीच 1971 में हुए युद्ध में देश के जवानों की विजय गाथा को सुनाने के लिए गुरुवार को साइकिल यात्रा पर निकले एनसीसी कैडेट रोहतास जिला पहुंचे। स्मृति चिन्ह लिए कैडेटों ने जिले के लोगों को भारतीय फौज की वीरता की गाथा सुनायी। युद्ध विराम के बाद पाकिस्तानी सैनिकों के सम्मान पूर्वक वतन वापसी करने के बारे में विस्तार से बताया।

    एनसीसी के कैडेट स्मृति स्तंभ लिए गुरुवार की शाम में सासाराम पहुंचे, तो उन्हें देखने के लिए सड़क पर भीड़ जुट गई। कैडेट हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन करते, विजय गाथा सुनाते हुए आगे बढ़ते रहे। एनसीसी लाइन फजलगंज में पहुंचने पर कैडेटों का स्वागत किया गया। विदित हो कि साइकिल जागरूकता अभियान में 40 महिला-पुरुष कैडेट शामिल हैं। वह 30 दिनों की यात्रा पर निकले हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारतीय सैनिक की विजय गाथा सुनाते हुए आज रोहतास जिला में पहुंचे थे।

    NCC Cadet Rohtas
    सासाराम पहुंची साइक्लोथॉन टीम का स्वागत करते एनसीसी कैडेट

    एन०सी०सी उड़ान के अध्यक्ष धीरज कुमार ने कहा कि स्वर्णीम विजय वर्ष के उपलक्ष्य पर तरह कि स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन का आयोजन एक महत्वपूर्ण कदम है। एन०सी०सी उड़ान एवं एन०सी०सी निदेशालय बिहार एवं झारखण्ड कि ओर से कार्यक्रम कि रुपरेखा के तहत इन्होंने कहा कि ये साइक्लोथॉन बिहार के 9 अनुमंडलों में अवस्थित सभी एन०सी०सी यूनिटों का भ्रमण करेगी तथा मार्ग में पड़ने वाले विभिन्न शैक्षिक/धार्मिक जगहों पर नुक्कड़ नाटक के माध्यम से हमारे भारतीय सेना के शौर्य गाथा का चित्रण करेंगे।

    बिहार में अवस्थित एन०सी०सी के चार ग्रुप मुख्यालय यथा पटना, गया, मुजफ्फरपुर एवं भागलपुर के ग्रुप समादेष्टा का धन्यवाद दिया जिन्होंने इस पूरी स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन में अहम् भूमिका निभाई है। इस साइकिल जागरूकता का उद्देश्य एन०सी०सी निदेशालय बिहार एवं झारखण्ड के द्वारा आयोजित स्वर्णिम विजय दिवस के मौके पर मैराथन में पुरे बिहार के जन समुदाय को एक साथ स्वर्णिम विजय महोत्सव मनाना है l

    मुख्य अतिथि एवं मार्गदर्शक के रूप में एन०सी०सी निदेशालय बिहार एवं झारखण्ड के अपर महानिदेशक मेजर जनरल एम० इन्द्राबालान ने कहा कि निदेशालय स्तर पर आयोजित स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन बिहार के प्रायः सभी जिलों से गुजरेगी तथा अपना प्रभाव भी छोड़ेगी। आज मैं विजय दिवस के स्वर्णिम अवसर पर रोमांचित हूँ, पुलकित हूँ तथा स्वर्णिम विजय साइक्लोथॉन के आयोजन का एक हिस्सा बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ l

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