रोहतास पत्रिका/नई दिल्ली:

‘फ्लाइंग सिख’ नाम से मशहूर भारत के महान धावक रहे मिल्खा सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे। शुक्रवार को उनका निधन हो गया। मिल्खा सिंह 91 साल के थे। वह कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे लेकिन पिछले दिनों उनकी कोरोना वायरस की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसी हफ्ते कोरोना वायरस की वजह से उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह का देहांत हो गया था। हालात बिगड़ने के चलते मिल्खा सिंह को चंडीगढ़ के पीजीआई अस्पताल में 3 जून को भर्ती कराया गया था। शुक्रवार शाम उनकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब हो गई और करीब रात 11:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

प्रधानमंत्री ने जताया शोक

पीएम मोदी ने मिल्खा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक महान खिलाड़ी को खो दिया जिनका असंख्य भारतीयों के ह्रदय में विशेष स्थान था। अपने प्रेरक व्यक्तित्व से वे लाखों के चहेते थे। मैं उनके निधन से आहत हूं। मैंने कुछ दिन पहले ही श्री मिल्खा सिंह जी से बात की थी। मुझे नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी बात होगी। उनके जीवन से कई उदीयमान खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों को मेरी संवेदनाएं।

अमित शाह ने किया दुःख प्रकट

देश के गृह मंत्री अमित शाह ने भी मिल्खा सिंह के निधन पर शोक जताते हुए ट्वीट करते हुए लिखा है – “भारत महान धावक श्री मिल्खा सिंह जी, द फ्लाइंग सिख के दुखद निधन पर शोक व्यक्त करता है। उन्होंने विश्व एथलेटिक्स पर एक अमिट छाप छोड़ी है। राष्ट्र उन्हें हमेशा भारतीय खेलों के सबसे चमकीले सितारों में से एक के रूप में याद रखेगा.। उनके परिवार और अनगिनत समर्थकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।”

मिल्खा सिंह की कुछ उपलब्धियां

मिल्खा सिंह ने भारत को 1958 के राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल दिलाया था। 1960 के रोम ओलंपिक में उन्होंने 400 मीटर फाइनल में चौथा स्थान हासिल किया था। उन्हें 1956 और 1964 के ओलंपिक में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। मिल्खा सिंह ने अपनी दौड़ से भारत का नाम गर्व से ऊंचा किया था। 1959 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से भी नवाजा गया था।