प्रतीकात्मक तस्वीर

रोहतास पत्रिका/पटना(डेस्क):

सिवान में शनिवार की सुबह से दोपहर तक गहमा-गहमी का महौल बना रहा। यह समस्या बैंक का लॉकर न खुलने के वजह से उत्पन हुआ। आपको बतां दे कि सिहौंता बंगरा उच्च विद्यालय, उमाशंकर उच्च विद्यालय व अनुग्रह नारायण उमाशंकर सिंह महिला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के लिए प्रतिनियुक्त पदाधिकारी अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लेने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में पहुंचे हुए थे।

बैंक के कर्मचारियों द्वारा बैंक का लॉकर खोलने का अथक प्रयास किया गया लेकिन बैंक का लॉकर नहीं खुला। इसकी जानकारी एसडीओ ने तुरंत जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय व बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को दी। जब अंत में लॉक नहीं खुला तो बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा तीनों केंद्रों पर आयोजित होने वाली प्रथम पाली की परीक्षा को रद्द करते हुए 9 मार्च को पुन: परीक्षा कराने का ऐलान किया गया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक प्रथम पाली की परीक्षा में तीनों केंद्रों पर 2380 परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे है। अधिकारीयों ने बताया कि दूसरी पाली में होने वाली अंग्रेजी विषय की परीक्षा निर्धारित समय से शुरू होने वाली थी। सभी परीक्षार्थियों को ससमय परीक्षा केंद्र में प्रवेश करा दिया गया था। लेकिन समय पर पेपर नहीं पहुंचने के कारन परीक्षार्थियों को परीक्षा दिए बिना ही घर वापस लौटना पड़ गया।  

प्रश्न पत्र नहीं मिलने पर परीक्षार्थियों में रोष

सिहौंता बंगरा उच्च विद्यालय, उमाशंकर उच्च विद्यालय व अनुग्रह नारायण उमाशंकर सिंह महिला महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र नहीं पहुंचने से परीक्षार्थी उग्र हो गए। स्थिति बिगड़ते देख एसडीओ रामबाबू कुमार, एसडीपीओ पोलस्त कुमार, एएसडीओ किसलय श्रीवास्तव, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह, थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तीनों केंद्रों पर पहुंच परीक्षार्थियों को समझा बुझा कर शांत करवाया। 

क्या कहते हैं सिवान जिलाधिकारी

जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि जिनका आज परीक्षा नहीं हो पाया है उनका परीक्षा दुबारा नौ मार्च को तीनों केंद्रों पर आयोजित किया जायेगा। इस संबंध में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह में बैंक के लॉकर से प्रश्ननत्र ले जाया जाता था लेकिन शनिवार को तकनीकी गड़बड़ी के कारण लॉकर नहीं खुल पाया। बैंक कर्मियों के द्वारा करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लॉकर को खोला गया। इसकी जांच के लिए दो सदस्यीय का गठन भी कर दिया गया है। महाराजगंज एसडीओ व एसडीपीओ को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। जाँच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।


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